- लूट, चोरी और हत्याओं की घटनाओं पर नहीं पुलिस का अंकुश
- अपराध को अंजाम देकर आसानी से फरार हो रहे बदमाश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पुलिस के आंकडेÞ चाहे कुछ भी कहें, लेकिन हकीकत इसके उलट है। साल 2022 की बात करें तो इन डेढ़ माह में अपराध बढ़ा है। पुलिस बदमाशों को जरूर दबोच रही है, लेकिन अपराध का ग्राफ कम नहीं हो रहा है। लूट, हत्या और चोरी की वारदातों से लोगों के बीच दहशत का माहौल है।

पुलिस वारदात को एक या दो दिन तक तेजी से बरतती नजर आती है, लेकिन इसके बाद सुस्त रफ्तार से जांच चलती है। यही नहीं पुलिस छोटे-छोटे अपराधियों को पकड़कर वाही-वाही लूटती रहती है। यदि बात थाना पुलिस की करें तो अधिकांश थाना पुलिस घटनाओं को खोलने में विफल साबित हो रही है। थाना पुलिस को एसओजी या फिर क्राइम ब्रांच का सहयोग लेकर ही घटना का खुलासा करना पड़ रहा है। पुलिस की इस नाकामी से अपराधियों के हौंसले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं।
शहर में पुलिस से अधिक चोर गिरोह सक्रिय हैं। चोर बेलगाम हैं, पुलिस लाचार और जनता भगवान भरोसे। लगातार बढ़ती वारदातें आमजन मन को झकझोर रहीं हैं। लगता है जैसे चोरों में पुलिस का भय खत्म हो गया है। व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर चोर पुलिस के लिए खुली चुनौती बनते जा रहे हैं।
प्रतीकात्मक कार्रवाई पुलिस की कार्यशैली बन गई है। अपराध का ग्राफ बढ़ना शासन, प्रशासन और समाज सभी के लिए खतरनाक है। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आए दिन सवाल उठते हैं। प्रश्न ये भी उठता है कि चोर इतना साहस कैसे कर पाते हैं कि वे पुलिस को छकाकर उसके लिए निरंतर चुनौती खड़ी कर दें। छिटपुट वारदातें तो दर्ज ही नहीं होतीं। चोरों में पुलिस का खौफ जैसे खत्म हो गया है।
जिले में 32 थाने
जिले में इस वक्त 32 थाने है और इसके अलावा क्राइम ब्रांच की टीम और एसओजी की टीम भी है। 32 थानों के अंतर्गत 125 चौकी है। पुलिसकर्मियों के बात करें तो इस वक्त जिले 3600 जवान है। इसके साथ एडीजी जोन, आईजी रेंज, एक एसएसपी, चार एसपी के अलावा 16 सीओ, 55 इंस्पेक्टर और 250 एसआई है। इसके बावजूद जिला पुलिस क्राइम कंट्रोल करने में नाकाम साबित हो रही है। आए दिन लूट, चोरी और हत्या जैसी वारदातें लगातार बढ़ रही है। वहीं, अगर पुलिस के आंकड़े देखे जाए तो इस बार सर्दी के मौसम में लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र में चोरी की वारदात सबसे अधिक हुई है। थाना पुलिस एक भी चोरी का खुलासा नहीं कर पाई है। जिसको लेकर क्षेत्र के लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोष फैला हुआ है।
राज्यसभा सांसद की गैस एजेंसी के एकाउंटेंट से हुई लूट
बदमाशों के हौंसले इतने बुलंद है कि पांच दिन पहले राज्यसभा सांसद कांता कर्दम की चेतना गैस एजेंसी के एकाउंटेंट विकास से दो बदमाशों ने सरेराह कुटी चौराहे पर हथियारों के बल पर लूट की वारदात को अंजाम दे डाला था। विकास स्कूटी पर सवार होकर बैंक में 3.42 लाख रुपये जमा करने जा रहे थे। जब वह कुटी चौराहे पर पहुंचे तो पैदल ही आए दो बदमाश लूट की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। मेडिकल पुलिस अभी तक बदमाशों का सुराग नहीं लगा पाई है।
दिनदहाड़े व्यापारी से तीन लाख की लूट
जानी थाना क्षेत्र के कुराली गांव के पास गत शुक्रवार को व्यापारी मधुसूदन पुत्र ऊधम सिंह से दो बदमाशों ने पिस्टल के बल पर तीन लाख रुपये लूट लिए थे। बदमाश लूट की वारदात को अंजाम देकर बागपत की ओर फरार हो गए थे। मधुसूदन ने लूट की जानकारी थाना पुलिस को दी तो पुलिस ने उल्टे उसे ही धमका दिया था। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस बदमाशों का पता नहीं लगा सकी है।
धर्मकांटा संचालक से दिनदहाड़े हुई 3.60 लाख की लूट
बदमाशों के हौंसले इतने बुलंद है कि गत 13 जनवरी को मेडिकल थाना क्षेत्र के मंगलपांडे नगर स्थित धर्मकांटा संचालक राकेश अग्रवाल से चार बदमाशों ने दिन दहाड़े लूट की वारदात को अंजाम देते हुए 3.60 लाख रुपये लूटे थे। यही नहीं बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की थी। हालांकि थाना पुलिस ने इस लूट का खुलासा करते हुए बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
आत्महत्या करने के लिए भी शहर बना सेफ जोन
अपराधिक घटनाओं के अलावा मेरठ शहर आत्महत्या करने के लिए भी सेफ जोन बन चुका है। आसपास के जनपदों के लोग शहर के होटलों में आकर आत्महत्या कर रहे है। पिछले वर्ष की बात करें तो नौचंदी और लालकुर्ती थाना क्षेत्र के कई होटलों में लोग आत्महत्या कर चुके है।

