- मास्क लगाना कतई न भूलें, दो गज की दूरी भी बनाए रखें
जनवाणी संवाददाता |
सहारनपुर: जनपद में बेशक कोविड संक्रमण थम गया है, लेकिन अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। बेहतर हो कि इस बार सामूहिक रूप से होली खेलने और आपस में गले मिलने से परहेज करें। कोविड प्रोटकाल का पालन करते हुए ही होली खेलें। यह सलाह मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव मांगलिक ने दी है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कहना है कि वैसे तो होली रंगों और आपस में गले मिलकर बधाई देने का त्योहार है, पर कोविड़ संक्रमण को ध्यान में रखते हुए पिछली बार की तरह इस बार भी एहतियात से मनाया जाए तो बेहतर है।
उन्होंने कहा कि हालांकि जनपद में अब बहुत कम मामले कोविड संक्रमण के आ रहे हैं, पर कोविड अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। इसलिए होली के दौरान कोविड प्रोटोकाल का पालन करना बहुत जरूरी है। कोशिश करें की भीड़ में शामिल न हो। न जाने भीड़ में कौन सा व्यक्ति संक्रमित हो। घर से बाहर जाने पर मास्क लगाना न भूलें।
दूर से ही होली खेलें। घर आकर सबसे पहले साबुन-पानी से हाथ धाएं और स्नान करें। उन्होंने कहा कि कोशिश करें होली पर घर पर बनी मिठाइयां ही खाएं। बाजार की चीजों से जितना हो सके परहेज करें।
आंखों को नुकसान पहुंचा सकते है रंग
जिला अस्पताल में तैनात नेत्र सर्जन डॉ. रमानंद ने कहा कि होली में पूरी तरह से आंखों को रंगो से बचाना चाहिए। यह रंग होली में खेलते समय आंखों में चले जाएं तो आंखों को स्थाई/अस्थाई रूप से खराब हो सकते हैं। इससे आंखों में जलन,चुभन,आंखों का लाल होना,एलर्जी,कार्नियल अल्सर,कंजक्टिवाइटिस ब्लाइंडनेस हो सकत है।
डॉ. रमानंद का कहना है कि आंखों में रंग या धूल का कोई कण चला जाएं तो आंखों को रगड़ना नहीं चाहिए। तुरंत आंखों के डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए. स्वयं कोई इलाज न करें और न ही कोई आईड्राप बिना चिकित्सक की सलाह के इस्तेमाल करें। आंखों के मामले में कतई लापरवाही न बरतें।
आंखों के आस-पास लगाएं तेल
होली पर रंग से खेलने से पहले आंखों या पूरे चहरे पर तेल लगा सकते हैं। इससे न सिर्फ आंखों पर लगा रंग आसानी से छूट जाता है। बल्कि आंखों पर पड़ने वाला रंग भी पलकों पर ही चिपक कर रह जाता है।
इससे आंखों का बचाव होता है। इसके लिए सरसों के तेल,नारियल के तेल या फिर किसी क्रीम का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। ध्यान रहे तेल या क्रीम आंख में न जाए।

