Saturday, February 14, 2026
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महिला प्रोफेसर ने कराया डा. राजबीर पर हमला

  • डीन बनने के लिए प्रॉपर्टी डीलर के माध्यम से दी पांच लाख की सुपारी
  • उधम सिंह के शूटर ने की ताबड़तोड़ फायरिंग
  • अवैध संबंधों के कारण प्रॉपर्टी डीलर के साथ बनाई हत्या की योजना

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय के डीन प्रो. राजबीर सिंह पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने एक शूटर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर चार लाख रुपये बरामद किए है। डीन बनने के लिये राजबीर की हत्या की योजना प्रो. आरती भटेले और प्रॉपर्टी डीलर अनिल बालियान ने बनाई थी। महिला प्रोफेसर और प्रॉपर्टी डीलर के बीच अवैध संबंधों के कारण पूरी योजना को अंजाम दिया गया। इसके लिए दो शूटर को पांच लाख रुपये सुपारी के रूप में दिए गए थे। डीन पर जानलेवा हमले की रिपोर्ट बेटे डाक्टर भानू प्रताप ने कराई थी।

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एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि डा. राजबीर पर हमला करवाने में यूनिवर्सिटी की प्रो. डा. आरती भटेले, अनिल बालियान, मुनेन्द्र, आशु चढ्ढा और नदीम के नाम प्रकाश में आये थे। इसमें शूटर आशु को हत्या करने के लिये घटना में प्रयुक्त एक पिस्टल 30 बोर, नौ मैगजीन मय 63 कारतूस, 30 बोर कारतूस, स्पलेंडर व सुपारी की रकम चार लाख रुपयों के साथ गिरफ्तार किया गया।

हत्या के प्रयास के षड्यंत्र में शामिल अभियुक्त मुनेन्द्र बाना, अनिल बालियान द्वारा चार लाख रुपये आशु चढ्ढा व मुनेन्द्र बाना को गिरफ्तार किया गया। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अनिल बालियान ने पूछताछ पर बताया कि वर्ष 2014 में मैंने अपनी बेटी आकांक्षा का एडमिशन बीएससी कृषि में सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मोदीपुरम में कराया था।

डा. आरती भटेले से जान पहचान हो गयी थी और हमारे बीच अवैध सम्बन्ध काफी हो गये थे। जिस कारण मेरी पत्नी वर्ष 2019 में मुझे छोड़कर गांव सिसोली चली गयी। बड़ा बेटा बैंगलोर में नौकरी करता है तथा छोटा बेटा देहरादून में पढ़ाई करता है। पूछताछ में उसने बताया कि अपने फ्लैट पर अकेला रहता हूं। अक्सर मेरे घर पर डा. आरती भटेले आती रहती है और हम दोनों अक्सर व घूमने फिरने साथ-साथ जाते हैं।

डा. राजबीर सिंह वैटनेरी में डीन है। जबकि डा. राजबीर सिंह डीन बनने लायक नहीं है। डा. आरती भटेले वैटनेरी से पीएचडी है। डीन बनने की योग्यता रखती है। जान बूझकर आरती भटेले को डीन नहीं बनाया गया। इस सम्बन्ध में डा. आरती भटेले के साथ दो वर्ष पूर्व लखनऊ राज्यपाल के यहां शिकायत करने भी गया था। पूछताछ में अनिल बालियान ने बताया कि डा. आरती भटेले ने कहा कि राजबीर सिंह रास्ते से हट जाये तो मैं डीन बन जाऊंगी तो मेरी इज्जत बढ़ जायेगी और आपकी बेटी की नौकरी कृषि विश्वविद्यालय में लगवा दूंगी।

डा. आरती भटेले जब डा. राजबीर सिंह अवकाश या अन्य कार्य से यूनिवर्सिटी से बाहर जाते हैं तो डीन का कार्यभार मेरे से जूनियर को देकर जाते हैं। जिसमें मेरे मान सम्मान को ठेस पहुंचती है। डा. आरती भटेले की बात सुनकर मैंने सोचा कि यदि डा. राजबीर सिंह मारे जायेगे तो डा. आरती भटेले से मेरे सम्बन्ध और अच्छे हो जायेंगे और बने रहेगे और मेरी बेटी आकांक्षा की नौकरी भी लग जायेगी।

इस लालच में मैंने अपने दोस्त मुनेन्द्र बाना से 25 फरवरी को सम्पर्क किया था और पूरी बात मैंने मुनेन्द्र से कही थी कि डा. राजबीर सिंह को रास्ते से हटाना है। इसने कहा कि मेरा फुफेरा साला आशु चढ्ढा जेल से बाहर आया है। वह यह काम कर देगा। तब चार मार्च को मुनेन्द्र बाना के घर पर हत्या की योजना बनाई गई। सात मार्च को मैंने व मुनेन्द्र बाना ने मुनेन्द्र बाना की स्कार्पियो गाड़ी मय आशु चढ्ढा से सम्पर्क कर हमला करवा दिया।

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