- दहाड़े मारकर रोई बहन, किसे बांधूंगी राखी
- 13 जुलाई को कोड़ियाला में गंगा में गिरी थी गाड़ी, चार युवक डूबे थे
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: केदारनाथ से लौट रहे शास्त्रीनगर के जो चार युवक गंगा में गाड़ी गिरने के कारण डूब गए थे उनमें से एक युवक का शव मंगलवार को बिजनौर के आसन बैराज में मिला। युवक हर्ष बैंसला का शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। मां गश खाकर गिर पड़ी और बहन रो रोकर कहती रही कि अब हर्ष तुझे राखी कैसे बांंधूगी। बुधवार को काजीपुर गांव में हर्ष का अंतिम संस्कार कर दिया गया। गंगा में डूबे मोहित वर्मा, बुलबीर और पंकज शर्मा का अभी पता नहीं चला है।

शास्त्रीनगर से चारों युवक दस जुलाई को केदारनाथ के लिये निकले थे। 13 जुलाई को जब चारों लोग गाड़ी से लौट रहे थे तब उनकी गाड़ी सुबह छह बजे के करीब मुनि की रेती से आगे कोड़ियाला में चार सौ मीटर खाई में गिर कर गंगा में समा गई थी। परिजनों ने उत्तराखंड सरकार से लेकर टिहरी प्रशासन से गुहार लगाकर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जरिये काफी खोजबीन कराई थी, लेकिन मंगलवार तक युवकों का पता नहीं चला था।
मंगलवार को जब आसन बैराज में युवक का शव मिला तो बिजनौर प्रशासन ने उत्तराखंड प्रशासन को जानकारी दी। बिजनौर पुलिस ने जब शव की फोटो भेजी तो शव की शिनाख्त हर्ष बैंसला के रूप में हुई। हर्ष के परिवार को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही हर्ष के पिता, ताऊ और चाचा समेत काफी लोग बिजनौर गए और पोस्टमार्टम के बाद शव को लेकर मेरठ आये और बुधवार को काजीपुर में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
हर्ष के शव को देखकर पूरा परिवार गमगीन हो गया। बारह दिनों से पूरा परिवार अनहोनी की आशंका में जी रहा था और अंतत उनको दुख से गुजरना पड़ा। हर्ष बैंसला पुत्र संजय बैंसला के चार भाई बहन है। बहन अंजली का विवाह हो गया। अंजली से छोटी बहन राशि है। बड़ा भाई अभिषेक है।
शव के पास बिलखती हुई बहन का बस यही कहना था अब किसको राखी बांधूंगी। हर्ष का घर में ही डीजे का काम था। मां बदहवास हालत में बेटे की शवयात्रा रोकने लगी आखिर कहां ले जा रहे हो मेरे बेटे को । लगातार पानी में रहने के कारण शव काफी फूल गया था। अंजली के अलावा तीन भाई बहन अविवाहित है।

