- गांव खोड़समा का प्रीति और अरविंद पक्ष का विवाद
- अरविंद पक्ष का प्रीति पक्ष पर फैसला न मानने का आरोप
जनवाणी संवाददाता |
ऊन: क्षेत्र के गांव खोड़समा में दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद में कई बार पंचायत होने के बावजूद फैसला नहीं हो सका। मंगलवार को क्षेत्र के गणमान्य लोग एक पक्ष को लेकर तहसील कार्यालय पर उप जिलाधिकारी से मिले तथा फैसला न होने की जानकारी देते हुए दूसरे पक्ष द्वारा फर्जी मुकदमा कराने पर पलायन की चेतावनी दी है।
गांव खोडसमा में प्रीति पत्नी रणवीर व अरविंद पुत्र रामप्रकाश के बीच विवाद चल रहा है जिसमें प्रीति पक्ष द्वारा अरविंद पक्ष के खिलाफ तीन बार मुकदमें कायम कराए गए तथा एक बार प्रीति व उसकी पुत्री द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर कथित रूप से जहर खाने के मामला ने काफी तूल पकड़ा था जिसमें अरविंद पक्ष के खिलाफ मुकदमा कायम हुआ था, जो जांच में फर्जी पाया गया था।
इस मामले में उल्टे प्रीति के खिलाफ धारा 182 का मुकदमा भी कायम हुआ था, लेकिन इसके बावजूद भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। गत 24 सितंबर को दोनों पक्षों में विवाद की जानकारी पर उप जिलाधिकारी मणि अरोरा व सीओ कैराना जितेंद्र कुमार गांव में पहुंचे थे।
जिसमें दोनों पक्षों से वार्ता करने के बाद ग्राम प्रधान को मामले के निस्तारण के निर्देश दिए गए थे जिसके बाद कई बार गांव में क्षेत्र के गणमान्य लोगों की मौजूदगी में पंचायत हुई। अरविंद पक्ष का आरोप है कि प्रीति पक्ष ने एक बार फिर पंचायत का फैसला मानने से इंकार कर दिया।
मंगलवार को क्षेत्र के गणमान्य लोग तहसील कार्यालय पर पहुंचे। उन्होंने उपजिलाधिकारी को वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए प्रीति पक्ष द्वारा बार-बार झूठे आरोप लगाकर फर्जी मुकदमों से निजात दिलाने की मांग की। साथ ही, बिना जांच कोई भी मुकदमा कायम न किया जाए अन्यथा अरविंद पक्ष गांव से पलायन करने को मजबूर हो जाएगा। इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, सनोज टोडा, शमशेर सिंह, लोकेंदर, महक सिंह, कंवरपाल, बाबूराम, देशपाल, राजवीर आदि दर्जनों व्यक्ति मौजूद रहे।

