जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वर्तमान समय में पेड़ों की डाल की छटाई न होने के कारण पेड़ों का स्वरूप सड़क की ओर बढ़ता जा रहा है। जिससे वाहन चालक का ध्यान जरा-सा भी भटक जाएं तो सड़क की ओर झुका पेड़ उसका काल बन सकता है। दरअसल शहर भर के मार्ग पर पेड़ों की छटाई नहीं हो पाई है। जिसमें डीएफओ कार्यालय के समीप एवं कैलाश प्रकाश स्टेडियम हो या फिर अन्य क्षेत्रों की बात की जाएं तो पेड़ों का झुकाव सड़क की ओर बढ़ रहा है। जिससे कई बार दुघर्टना होने का डर बना रहता है।
पहले भी जा चुकी है अधिकारी की जान
वहीं, पेड़ों का सड़क की ओर बढ़ता स्वरूप वाहन चालकों के लिए काल का काम करता है। जिसमें नौ साल पूर्व वर्ष 2011 में डीएचओ योगेंद्र पाठक की गाड़ी पर पेड़ गिरने से मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गयी थी और उनका चालक भी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसी तरह से शहर भर में हादसे होते रहते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि पेड़ों की छटाई का कार्य समय पर क्यों नहीं किया जाता। अगर समय पर छटाई का कार्य हो जाएं तो दुघर्टना होने से जान बचाई जा सकती है।
इस संबंध में डीएफओ अदिति शर्मा ने कहा कि समय-समय पर पेड़ों की छटाई का कार्य कराया जाता है। ऐसे में जो भी पेड़ सड़क की तरफ आ रहे हैं, उनकी छटाई का कार्य भी तत्काल रूप से कराया जाएगा।


