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छठ पूजा: श्रद्धालुओं ने दूसरे दिन रखा खरना का उपवास

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छठ पूजा: श्रद्धालुओं ने दूसरे दिन रखा खरना का उपवास
  • 36 घंटे का निर्जल व्रत प्रारंभ, सोमवार को पूरा होगा व्रत , सीडीओ शंभूनाथ तिवारी ने किया यमुना तट का निरीक्षण

जनवाणी संवाददाता |

शामली: छठ पूजा का दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने तन, मन को शुद्ध कर उपवास का संकल्प लेकर व्रतियों ने दिनभर खरना का उपवास रखा। शाम के समय खरना के प्रसाद के रूप में गन्ने के रस में बने हुए चावल की खीर आदि का ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया। छठ पूजा के त्यौहार के लिए शहर के मंदिर श्री हनुमानधाम स्थित शिव सरोवर के तट और यमुना तट पर स्थित मंदिर एवं तट की सफाई की गई। सीडीओ ने यमुना तट का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रविवार को तालाब व यमुना तट पर पूजा अर्चना कर सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।

छठ पूजा के दूसरे दिन को खरना या लोहंडा कहते हैं। शनिवार को खरना का पर्व भक्ति भावना के साथ मनाया गया। खरना नहाय-खाय के बाद खरना आता है। पंचांग के अनुसार, हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना पूजा होती है। छठ पूजा के पहले दिन नहाय-खाय से तन और घर की साफ-सफाई होती है। खरना से मन की सफाई यानि पवित्रता होती है। छठ पूजा साफ-सफाई के साथ ब्रह्मचर्य के कठिन नियमों से जुड़ा हुआ है। खरना की रात प्रसाद ग्रहण करने के बाद छठी मैया का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है। खरना के दिन ही छठ पूजा का प्रसाद बनाया जाता है, इसमें भी शुद्धता का विशेष ध्यान रखते हैं। छठ का प्रसाद मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी की मदद से बनाया जाता है। प्रसाद में विशेष तौर पर ठेकुआ बनाते हैं। प्रसाद ग्रहण करने के बाद से व्रती का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो गया। इस दौरान जल और अन्न ग्रहण नहीं करना है।

रविवार शाम को सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा और सोमवार को सूर्य को प्रात:कालीन अर्घ्य देकर प्रसाद ग्रहण करके व्रत पूरा किया जाएगा। जिसके बाद छठ पूजा संपन्न होगी। दूसरी ओर, छठ पूजा के लिए जनपद में विशेष तैयारियां चल रही है। शहर के श्री मंदिर हनुमानधाम धाम स्थित शिव सरोवर में छठ पूजा को लेकर पानी भरा जा रहा है। सरोवर के तट पर सैंकडों पूर्वांचल की महिलाएं एवं पुरूष छठ पूजा कर भगवान सूर्य को अर्ध्य प्रदान करते हैं। दूसरी ओर, यमुना तट पर भी युद्ध स्तर पर सफाई की जा रही है।

तट पर स्थित मंदिर की साफ सफाई कर, पेंट आदि कर तैयारियां पूरी कर ली गई है। मुख्य विकास अधिकारी शंभूनाथ तिवारी ने यमुना तट एवं मंदिर की सफाई का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। रविवार एवं सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी समेत अनेक अधिकारी यमुना तट पर परिवार के साथ पूजा अर्चना के लिए पहुंचते हैं।