- शराब पीकर भगवान को बुरा भला कहते हुए की घटना
जनवाणी ब्यूरो |
शामली: क्षेत्र के गांव कसेरवा कलां के मंदिर में मां काली की मूर्ति खंड़ित करने और मंदिर गोरखनाथ के ताले तोड़ने का प्रयास करने की घटना का पुलिस ने 48 घटें में खुलासा कर दिया। पुलिस ने गांव के ही दो युवकों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने भगवान को कोसते हुए मंदिर में मूर्ति को खंड़ित कर दिया था। पुलिस ने उन्हें कोर्ट में पेश किया जहां से दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
आदर्श मंडी थाना क्षेत्र के गांव कसेरवा कलां में मां काली का मंदिर है। 25/26 अक्टूबर की रात को मंदिर में स्थापित मां काली की मूर्ति पर जीभ व हाथ को खंड़ित कर क्षति पहुंचाई थी। वहीं मां काली मंदिर के पास ही बाबा गोरखनाथ मंदिर के ताले तोड़ने का भी प्रयास किया गया था। मंदिर में मां काली की मूर्ति खंड़ित किए जाने की घटना की जानकारी अगले दिन सुबह को उस समय हुई थी जब पुजारी मंदिर में पहुंचे थे।
मूर्ति खंड़ित किए जाने और बाबा खोरखनाथ मंदिर के ताले तोड़कर चोरी के प्रयास की घटना से पूरे गांव में श्रद्धालुओं में रोष व्याप्त हो गया। सूचना पर सीओ सिटी प्रदीप सिंह और आदर्श मंडी थाना प्रभारी संदीप बालियान मय पुलिस बल के पहुंचे थे और घटना का निरीक्षण करते हुए शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी। वहीं एसपी नित्यानंद राय ने घटना के खुलासे को टीम का गठन किया था।
इस संबंध में ग्राम प्रधान शिखा देवी पत्नी नितिन कुमार ने थाना आदर्श मंडी में तहरीर दी थी जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। वहीं पुलिस टीम ने घटना स्थल से आवश्यक छानबीन करते हुए महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित किए, जो घटना के अनावरण में काफी सहायक सिद्ध हुए ।
जिसके बाद बुधवार को आदर्श मंडी थाना पुलिस ने मंदिर में मूर्ति खंड़ित करने की घटना का 48 घंटे में ही खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने अपने नाम रविंदर उर्फ बिल्लू पुत्र राज सिंह और गौरव देशवाल पुत्र ओमवीर सिंह निवासीगण गांव कसेरवा कलां बताए हैं।
कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 25/26 अक्टूबर की रात को उन्होंने शराब पी थी। रात में नशे की हालत में वह मां काली के मंदिर के पास से गुजर रहे थे। तभी दोनों एक दूसरे को बोले की भगवान हमारा भला नहीं कर रहे हैं। जिसके बाद दोनों ने ईंट, पत्थर फैंक कर मां काली की प्रतिमा को खंड़ित कर दिया गया था। इसके बाद उन्होंने बाबा गोरखनाथ मंदिर के ताले तोड़ने का भी प्रयास किया था।

