Sunday, February 8, 2026
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रिसर्च और नए कोर्स पर पांच करोड़ रुपये खर्च करेगा विवि

  • स्वपोषित विभागों में कार्यरत शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मियों के वेतन में की जाएगी वृद्धि
  • वित्त समिति की बैठक में लिए गए कई अहम् निर्णय

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: चौधरी चरण सिंह विवि में मंगलवार को वित्त समिति की बैठक हुई। जिसमें वित्त अधिकारी रमेश चंद्र द्वारा विवि का बजट प्रस्तुत किया गया। वर्ष 2022-23 में कुल आय 113 करोड़ 66 लाख 50 हजार रुपये प्राप्त हुए तथा व्यय 172 करोड़ 64 लाख 94 हजार रुपये का हुआ। उन्होंने बताया कि इसका प्रमुख कारण वित्तीय वर्ष 2022-23 में रिसर्च एंड डेवलपमेंट, डिजिटलाइजेशन, सीआईएफ, ई-लर्निंग एंड लेना, ई-बुक्स आदि नए मदों का सृजन जिसके लिए पर्याप्त बजट प्रावधान किया जाना तथा कुछ नए भवनों का निर्माण भी है।

जिस कारण विश्वविद्यालय दिन-प्रतिदिन नई ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है। उन्होंने बताया कि मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय बनने के कारण तीन जनपद अपने विश्वविद्यालय से अलग होकर उसके साथ संबंध हो गए हैं। आगामी सत्र 2023-24 के लिए विश्वविद्यालय की अनुमानित आय 119 करोड़ 20 लाख 83 हजार रुपये के सापेक्ष अनुमानित व्यय 164 करोड़ 53 लाख 64 हजार रुपये का बजट प्रस्तुत किया गया है। बजट में नैक द्वारा दिए गए सुझावों पर भी ध्यान दिया गया।

डिजिटलाइजेशन के लिए 3 करोड़ रुपये, वेबसाइट अपग्रेडेशन व वाई-फाई मद में 2 करोड़ 30 लाख रुपये, पुस्तकालय, ई-जर्नल एवं पुस्तकों के लिए 2 करोड़ रुपये, सीआईएफ के लिए 5 करोड़ रुपये। रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए 5 करोड़ रुपये, ई-लर्निंग एंड लैंस के लिए 4 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। बैठक में विश्वविद्यालयों में कार्यरत कार्मिकों के आकस्मिक निधन पर उनके परिवार को विश्वविद्यालय की ओर से तत्काल तीस हजार रुपये आर्थिक सहायता प्रदान करने का निर्णय भी लिया गया।

वहीं दैनिक वेतन भोगी एवं संविदा कर्मियों के वेतन संबंधी मामलों के विषय में बनी समिति की आख्या को पटल पर प्रस्तुत किया गया जिसमे दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को 1 जनवरी 2023 से 10 प्रतिशत वेतन में वृद्धि के साथ प्रत्येक दो वर्ष बाद 10 प्रतिशत वेतन में वृद्धि की अनुशंसा की गई। स्वपोषित विभागों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मियों के वेतन में वृद्धि उनकी आय के 75 प्रतिशत धनराशि की सीमा के अंतर्गत की जाएगी।

यह वृद्धि भी दो वर्ष के अंतराल पर 10 प्रतिशत बढ़ाए जाने की अनुशंसा की। बैठक में उक्त समिति की आख्या को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। योग विज्ञान विभाग में आनंदम एवं चैतन्यम केंद्रों पर विभिन्न सुविधाओं के लिए शुल्क तय करने का निर्णय भी बैठक में लिया गया। बैठक में विश्वविद्यालय की आय बढ़ाने के लिए नए पाठ्यक्रमों का संचालन पर भी विचार किया गया।

पाठ्यक्रमों में फामेर्सी, पंचकर्म ध्यान इत्यादि पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने की। बैठक में प्रो. नरेंद्र कुमार विश्नोई, प्रो. राजीव गुप्ता, अतुल सिंह, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी रमेश चंद्र, संजीव गोयल, विनय पांडे एवं प्रेस प्रवक्ता प्रो. प्रशांत कुमार आदि उपस्थित रहे।

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