- निलंबित छात्रों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब, 11 पूर्व छात्रों विवि में प्रवेश किया वर्जित
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चौधरी चरण सिंह विवि परिसर में हुई फायरिंग के मामले में शनिवार को आठ छात्रों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबित हुए छात्रों को विवि प्रशासन की ओर से नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा है। वहीं, पूर्व छात्रों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाते हुए सिक्योरिटी अफसरों को सख्ती से आदेशों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
विवि परिसर में पिछले माह दो गुटों में विवाद के दौरान खुलेआम फायरिंग की गई थी। उस समय विवि में नैक निरीक्षण चल रहा था जिसके चलते उस समय विवि की ओर से घटना को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी, लेकिन अब विवि ने कड़ा रुख अपनाते हुए घटना में शामिल छात्रों को निलंबित कर दिया है। मामले में रिपोर्ट दर्ज करपुलिस प्रशासन ने जांच की थी जांच के दौरान पुलिस ने 19 छात्रों को चिह्नित किया था।

जिनके नामों की सूची पुलिस ने विवि को भेज दी थी। विवि की ओर से पुलिस द्वारा दी गई सूची की जांच की तो पता चला कि आठ छात्र हैं और 11 पूर्व छात्र हैं। पूर्व छात्रों पर विवि प्रशासन कार्रवाई नहीं कर सकता इसलिए उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं विवि में पढ़ रहे आठ छात्रों पर कार्रवाई के लिए 15 सदस्यीय अनुशासन समिति की बैठक हुई। जिसमें सभी को निलंबत कर दिया गया है।
इन छात्रों को किया निलंबित
- अमन दबथुवा, विशाल बैसोया, शेखर चौधरी उर्फ परमीत चौधर, मोहित तोमर, परीक्षितक सोम, अक्षय, सिद्धार्थ कसाना और हंस कुमार।
इन छात्रों पर लगा प्रतिबंध
- अक्षय बैसला, अतुल यादव, सोम शर्मा, फईम उर्फ चाहत, दुजैफा, परवेज, दक्षपुरी, बाबू बक्सर, प्रवीण पंडित, कलवा त्यागी, चिराग और मोनू मलिक।
छात्र संघ चुनाव का रास्ता हुआ साफ
शासन की ओर से सभी राज्य विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव कराने का रास्ता साफ कर दिया गया है। जिसके बाद चौधरी चरण सिंह विवि व उससे संबंधित कॉलेजों में छह वर्षों बाद छात्रसंघ चुनाव आयोजित किए जाएंगे। 2017 के बाद विश्वविद्यालयों को लिखित में छात्रसंघ चुनाव कराने के निर्देश दिए गए हैं। जुलाई 2023 से शुरू हो रहे सत्र में कैंपस एवं कॉलेजों में छात्रसंघ चुनावों का दौर शुरू होने की उम्मीद है।
छात्रसंघ चुनावों के निर्देश मिलते ही विवि ने अपने स्तर से तैयारी शुरू कर दी हैं। जल्द ही विवि अपने स्तर से चुनावों को लेकर निर्देश जारी कर सकता हैं। फैसले पर मुहर मार्च में हुई समीक्षा बैठक में लगी थी। जिसमें में राज्य मंत्री उच्च शिक्षा, सभी राज्य विवि के रजिस्ट्रार, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी सहित समस्त विभागीय अधिकारी मौजूद थे। उच्च शिक्षा मंत्री ने सभी विश्वविद्यालयों को लिंगदोह समिति से निर्धारित समय में छात्रसंघ चुनाव कराने को कहा है। यदि किसी कारण छात्रसंघ चुनाव कराना संभव ना हो तो लिंगदोह समिति में तय सीमा के बाद दी गई वैकल्पिक व्यवस्था पर लागू किया जाएगा।

