- बहनोई अखलाक के घर पसरा सन्नाटा, सुरक्षा को लेकर एडीजी, आईजी, एसएसपी समेत थानेदार गश्त पर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रयागराज में कुख्यात माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद भवानी नगर में अतीक के बहनोई डा. अखलाक के घर सन्नाटा छाया रहा। आसपास रहने वाले लोग भले हत्याकांड को लेकर चर्चा कर रहे थे लेकिन कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था। मिश्रित आबादी वाले इलाकों में अतीक हत्याकांड लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है।
अतीक के बहनोई के घर उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों असद और गुड्डु मुस्लिम को ठहराया गया था और उनकी आर्थिक मदद की गई थी। वहीं मेरठ समेत पूरे वेस्ट यूपी में हाई अलर्ट कर दिया गया है। सभी थानेदारों को इलाकों में जाने को कहा गया है। एसएसपी ने सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद कर दी है।
रात साढ़े नौ बजे के करीब जैसे ही प्रयागराज में मेडिकल कालेज में अतीक अहमद और अशरफ की हत्या की सूचना मिली तो भवानी नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। यही नहीं शहर के मुस्लिम और मिश्रित आबादी वाले इलाकों में हत्याकांड को लेकर चर्चाएं शुरु हो गई। अतीक अहमद के बहनोई डा. अखलाक के घर ताला लगा हुआ था। अखलाक इस वक्त नैनी जेल में बंद है।
अखलाक की पत्नी आइशा नूरी और उसकी दो बेटियां फरार है। घर के बाहर लोग मौजूद थे और आसपास के लोग टेलीविजन से चिपके हुए थे। आईपीएल देख रहे लोग भी मैच छोड़कर अतीक हत्याकांड की खबरें देखने में व्यस्त हो गए। वहीं शासन से निर्देश मिलने के बाद मेरठ समेत सभी जनपदों में हाई अलर्ट कर दिया गया है।
सभी थानेदारों खासकर मिश्रित आबादी वाले थाना क्षेत्रों में थानेदारों को सड़कों पर गश्त करने को कहा गया है। शासन ने एडीजी राजीव सभरवाल,आईजी नचिकेता झा और एसएसपी रोहित सिंह सजवाण को सख्त निर्देश दिये गए हैं कि कानून व्यवस्था को बनाये रखा जाए और सभी थानेदार और सीओ को रात्रि गश्त करने को कहा गया है।
कोतवाली, लिसाड़ीगेट, ब्रहमपुरी, नौचंदी, किठौर, जानी, सरुरपुर, मवाना और मुंडाली आदि इलाकों में सघन गश्त करने के लिये पुलिस अलर्ट मोड पर डाल दिया है। एसएसपी ने बताया कि सामान्य रुप से पेट्रोलिंग की जा रही है और सभी थानेदारों को कहा गया है कि अपने अपने इलाके में पेट्रोलिंग करते रहे। दरअसल उमेश पाल हत्याकांड को लेकर मेरठ उस वक्त सुर्खियों में आ गया था जब उमेश पाल हत्याकांड का बमबाज शूटर गुड्डु मुस्लिम को अतीक अहमद के बहनोई डा. अखलाक के घर आने की बात सामने आई थी।

अतीक अहमद का बेटा असद भी हत्याकांड के बाद भवानी नगर आया था। इस कारण भी मेरठ को हाई अलर्ट करना जरुरी हो गया है। जिस तरह से अतीक और अशरफ की हत्या हुई और सुबह के वक्त अतीक के बेटे असद को सुपुर्देखाक किया गया उससे चर्चाएं काफी जोरों पर शुरु हो गई है।
लखनऊ ले रहा पल-पल की जानकारी
अतीक और अशरफ हत्याकांड के बाद माहौल को बिगड़ने से बचाने के लिये पुलिस अधिकारियों को सड़कों पर उतरने के आदेश के बाद शासन ने पल पल की जानकारी ली। वहीं रात दस बजे से मेरठ में रहने वाले लोग प्रयागराज में अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मोबाइल पर अपडेट लेने में लगे रहे। पुलिस और प्रशासन के लिये चुनौती बनकर आए पुलिस कस्टडी में दोहरे हत्याकांड को लेकर शासन की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सख्त निर्देश दिये गए हैं कि मिश्रित आबादी वाले इलाकों पर खास नजर रखी जाए।
क्योंकि असद के एनकाउंटर को लेकर विशेष समुदाय में चर्चाएं काफी जोर पकड़ रही थी। हर किसी के अपने तर्क थे लेकिन जैसे ही अतीक और उसके भाई अशरफ को गोलियों से भूना गया उसके बाद से अचानक चर्चाएं तेज होती देख एडीजी से लेकर एसपी सिटी और एसपी देहात तक को रात भर सड़कों पर रहने के आदेश दिये गए हैं। सुनसान सड़कों पर अधिकारियों ने फ्लैग मार्च निकाला।
सीसीटीवी फुटेज बना बवाल
शूटर गुड्डू मुस्लिम और माफिया अतीक के बहनोई डॉ. अखलाक के सीसीटीवी फुटेज वायरल हुए थे। एक तरफ जहां हत्याकांड के शूटरों को पनाह देने के मामले में गिरफ्तार किए गए माफिया अतीक अहमद के बहनोई डॉ. अखलाक ने पूछताछ में कई राज खोले थे। वहीं अब अतीक के बेटे असद और राधना गांव के पूर्व प्रधान उमर अली के बेटे सद्दाम का फोटो वायरल हुए थे।
कुख्यात रविंद्र भूरा का भी हुआ था अतीक की तरह कत्ल
प्रयाग राज में अतीक और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में हुई हत्या के बाद पुलिस की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे हैं। जिस तरह से दोनों भाइयों की हत्या हुई हैं। इसी स्टाइल में बदमाशों ने 16 अक्टूबर वर्ष 2006 में मेरठ कोर्ट में एक मुकदमे में सुनवाई के लिए पुलिस कस्टडी में लाये गए कुख्यात रविंद्र भूरा की हत्या हुई थी।
वहीं, राजपाल नाई टॉप अपराधी था, जोकि छपरौली के रमाला का रहने वाला था। उसका भी इसी तरह पुलिस कस्टडी में मर्डर हुआ था। उस वक्त हमलावरों ने रविंद्र भूरा सहित चार लोगों को मौत की नींद सुला दिया था। जिसमें एक सिपाही व एक बदमाश और रविंद्र भूरा का भतीजा शामिल था।
प्रयाग राज में अतीक और उसके भाई अशरफ की पुलिस कस्टडी में हुई मौत के बाद एक बार फिर कु ख्यात रविंद्र भूरा की पुलिस कस्टडी में हुई मौत का वो मंजर आंखों के सामने घूम गया। 16 अक्टूबर वर्ष 2006 सोमवार का दिन था। रविंद्र भूरा को लूट के एक मामले में सुनवाई के लिए भारी पुलिस अभिरक्षा में जेल से मेरठ कचहरी में लाया गया था। जब रविंद्र भूरा को पुलिस की जेल वैन से उतारा जा रहा था।
अज्ञात लोगों ने रविंद्र भूरा सहित उसके भतीजे गौरव चौधरी पर फायरिंग कर मौत के घाट उतार दिया था। जिसमें एक सिपाही मनोज और एक राजेंद्र नाम का बदमाश भी मारा गया था। उस वक्त पीएसी के दो जवान भी घायल हुए थे। उस वक्त पुलिस के सामने हमलावरों ने करीब 20 मिनट से अधिक फायरिंग की थी। जिसमें पचास राउंड फायरिंग हुई थी। रविंद्र भूरा हत्याकांड में करीब सात लोगों को मुल्जिम बनाया गया था।

