
नरेंद्र मोदी क्या जीत का गठबंधन बना रहे है या हार का गठबंधन बना रहे हैं? पहले जीतन राम मांझी जो दिन-प्रतिदिन नहीं, बल्कि पल-पल में रंग बदलते हैं। कभी लालू को महान बताते हैं, कभी नीतीश कुमार को महान बताते हैं। भाजपा को सरेआम गालियां बकते थे। जीतन राम मांझी अब एनडीए का सदस्य और भाजपा के लिए वंदनीय हो गए। मांझी के बाद ओमप्रकाश राजभर भी एनडीए का सदस्य हो गए। ओमप्रकाश राजभर पिछले उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के पहले ही अखिलेश यादव की गोद में जा बैठे थे। नीतीश कुमार को गले लगाने के हश्र के बाद भी भाजपा की ऐसी नीति क्या कही जाएगी? कहा यह जा रहा है कि पसमंदा मुसलमानों को नजदीक लाने के लिए मुसलमान समर्थक पार्टियों और नेताओं की चरणवंदना की जा रही है।