- गंगा नदी में बिजनौर से डिस्चार्ज घटा तो हरिद्वार से हुई वृद्धि
- जलभराव से पशुओं को बढ़ रहा चारे का संकट
जनवाणी संवाददाता |
हस्तिनापुर: पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हो रही भारी बरसात से गंगा जलस्तर में बुधवार को फिर से वृद्धि होनी शुरू हो गई। गंगा खतरे के निशान के पास बह रही हैं। गंगा से सटे खादर क्षेत्रों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव को देखते हुए प्रशासन द्वारा बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है और राहत व बचाव कार्य के लिए टीमें भी तैनात कर दी गई है।
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि बुधवार सुबह बिजनौर बैराज से गंगा नदी में 1.58 लाख क्यूसेक और हरिद्वार बैराज से 1.08 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज चल रहा था। जो शाम को बिजनौर बैराज से घटकर 1.27 लाख क्यूसेक और हरिद्वार से डिस्चार्ज बढ़कर 1.24 लाख क्यूसेक हो गया। जिसके चलते जल स्तर में वृद्धि होना सामान्य बात है।

गंगा नदी किनारे बनाये गये अस्थाई तटबंध के कई जगहों से धराशायी होने के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंगा किनारे बसे फतेहपुर प्रेम, मानपुर, शहजादपुर आदि गांवों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। संपर्क मार्गों पर पानी भरा होने के चलते लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतें हो रही है। खेत और चारागाह में पानी भरा होने के चलते पशुओं के लिए चारे की समस्या बनी है। अधिकारी बाढ़ क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रहे हैं।
मौसम ने उड़ाये खादरवासियों के होश
बुधवार सुबह हुई मुसलाधार बरसात और दोपहर बाद आसमान में छाये बादलों ने गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों को एक बार फिर परेशानी में डाल दिया है। अभी एक सप्ताह पूर्व आई बाढ़ को लोग भूला भी नहीं पाये थे कि मौसम ने एक बार फिर से रुख बदलना शुरू कर दिया।
पांच घंटे में 61 मिमी हुई बारिश, शहर हुआ पानी-पानी
मोदीपुरम: बुधवार सुबह करीब पांच घंटे में बारिश से शहर पानी-पानी हो गया। करीब 61 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो अभी दो दिन अच्छी बारिश के आसार है। सुबह से ही मौसम बदला, काले बादल आए और हवा के चलते तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के चलते जगह-जगह जलभराव हो गया। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 30.0 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 22.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

अधिकतम आर्द्रता 100 और न्यूतनम 83 प्रतिशत दर्ज की गई। जुलाई माह में अब तक करीब 386 मिमी बारिश हो चुकी है। सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. यूपी शाही का कहना है कि तीन दिन हल्की से मध्यम बारिश के आसार बने हुए हैं। जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव रहेगा। इसके अलावा बारिश से धान, चारा, ईख की फसल को लाभ मिलेगा।

जिन खेतों में पानी ज्यादा भर जाएगा, वहां थोड़ा नुकसान हो सकता है। इसके अलावा सब्जियों को बचाने के लिए खेतों में ज्यादा पानी न भरने दे। उधर, मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी 100 से नीचे चल रहा है। मेरठ का एक्यूआई बुधवार को 52, बागपत में 49, गाजियाबाद में 47 दर्ज किया गया। जबकि पल्लवपुरम में 74, जयभीमनगर में 32, गंगानगर में 49 दर्ज किया गया।
बारिश से सड़कें जलमग्न, राहगीर परेशान
मेरठ: शहर में बुधवार को सुबह के समय हुई बारिश के बाद सड़कों पर जलभराव हो गया। जिसमें बारिश के पानी के साथ चोक नालों का दूषित पानी सड़कों पर जलभराव के रूप में जमा हो गया। जिसके चलते जहां एक तरफ स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं, दूसरी तरफ दुपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ी। मार्ग से होकर गुजरने वाले राहगीर खासे परेशान दिखाई दिए।

जलभराव की समस्या जिन स्थानों पर रही उनमें मुख्य रूप से माधवपुरम, रेलवे रोड गंगा कॉलोनी, खैर नगर, जाकिर कॉलोनी, लिसाड़ी गेट, रोहटा बाइपास एवं शहर में जगह-जगह सड़कों पर जलभराव की स्थिति बारिश के बाद घंटों तक बनी रही। बारिश बंद होने के काफी देर बाद सड़कों पर वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से शुरू हो सका। बारिश के बाद शहर में सड़कों पर जलभराव के होने से मार्ग पर वाहनों की लंबी लाइन लगने के साथ कई जगहों पर जाम जैसे हालात तक बन जाते हैं।

