Sunday, February 15, 2026
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गरीबों और मध्यम वर्ग के परिवारों को आर्थिक सहायता दे सरकार: हरपाल साथी

जनवाणी ब्यूरो |

रुड़की: पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरपाल साथी ने कहा है कि यदि पार्टी हाईकमान ने चाहा तो विधानसभा चुनाव जरूर लड़ेंगे। उन्होंने कहा है कि जिले की आरक्षित विधानसभा सीटों पर उनके द्वारा लगातार बैठकों का आयोजन किया जा रहा है। इन विधानसभाओं के कार्यकर्ता उनके पास जो भी समस्याएं लेकर आते हैं। वह संबंधित विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर उनका निस्तारण करा रहे हैं।

उन्होंने कहा है कि झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र कि रोजाना 30 से 40 लोग उनके पास विभिन्न समस्याओं को लेकर आते हैं। अधिकतर समस्याएं बिजली बिलों में त्रुटि, राशन कार्ड आॅनलाइन न होना और गन्ने के भुगतान से संबंधित आ रही हैं। कुछ सरकारी नलकूपों के गूल क्षतिग्रस्त होने के कारण खेतों की सिंचाई सही ढंग से ना होने की शिकायतें भी उनके सामने आई जिसके बारे में उनके द्वारा सिंचाई विभाग नलकूप खंड के अभियंताओं से वार्ता की गई।

पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरपाल साथी ने कहा है कि चीनी मिलों को किसानों का जल्द से जल्द भुगतान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गन्ना पेराई सत्र इस बार ठीक ही समय शुरू हुआ है। लेकिन बकाया भुगतान अभी तक नहीं हुआ है चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि गन्ना किसानों को उनका पैसा समय से नहीं मिलेगा तो वह न तो अपने घरेलू कार्य कर सकेंगे और ना ही खेती-बाड़ी के कार्य को आगे बढ़ा सकेंगे।

सभी क्षेत्रों में रबी की बुवाई का कार्य चल रहा है इसलिए सभी चीनी मिलों की कोशिश जल्द से जल्द भुगतान करने की होनी चाहिए। पूर्व सांसद एवं कांग्रेस नेता ने मांग उठाई कि अधिकारियों को दूर-दराज के गांव में जाकर फरियादियों की समस्याएं सुनकर मौके पर निस्तारित करने चाहिए ताकि उन्हें तहसील और जिला मुख्यालय न जाना पड़े। उन्होंने कहा है कि ऐसी बहुत सी समस्याएं हैं जो कि अधिकारियों और कर्मचारियों के गांव में जाते ही मौके पर हल हो सकती हैं। जबकि उन समस्याओं के लिए कई बार ग्रामीणों को कई-कई बार सरकारी कार्यालय तो आना पड़ता है।

पूर्व सांसद एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरपाल साथी ने कहा है कि कोरोना की सबसे बड़ी मार मध्यम वर्ग गरीब परिवारों पर पड़ी है। इसलिए सरकार को मध्य में गरीब परिवारों को किसी न किसी रूप में आर्थिक मदद देनी चाहिए। पूर्व सांसद ने कहा है कि फीस के लिए जो स्कूल प्रबंधन दबाव बना रहे हैं उन पर प्रशासन को सख्ती बरतनी चाहिए। उन्होंने कहा है कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड की परीक्षा भी आॅनलाइन ही होनी चाहिए।

सीबीएससी बोर्ड को भी आनलाइन परीक्षा ही करानी चाहिए। क्योंकि जब बच्चों को आॅनलाइन ही पढ़ाया गया है तो उन्हें परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्रों पर नहीं बुलाया जाना चाहिए। पूर्व सांसद एवं पूर्व उत्तराखंड अनुसूचित आयोग के अध्यक्ष हरपाल साथी ने कहा है कि इस संबंध में वह उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ओर सीबीएसई बोर्ड को पत्र भी लिखेंगे।

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