- आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से जारी हुए बाढ़ के महत्वपूर्ण चित्र
- महल के महल समा गए थे बाढ़ के पानी में
- वैज्ञानिक पद्धति पर प्रमाणित किए गए बाढ़ के दृश्य
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: महाभारत काल में हस्तिनापुर के प्राचीन इतिहास को पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट ने कुछ महत्वपूर्ण चित्रों के साथ शुक्र्रवार को जारी कर दिया। जारी किए गए चित्रों में एक ऐसा चित्र भी शामिल है जिससे यह पता चलता है कि महाभारतकालीन हस्तिनापुर नगरी प्राचीन समय से ही बाढ़ का प्रकोप झेल रही है। चित्रों की जो शृंखला जारी की गई है,

उससे साफ प्रतीत होता है कि हस्तिनापुर की यह प्राचीन बाढ़ इतनी भयानक थी कि पूरी हस्तिनापुर नगरी इसकी चपेट में आई और उसे लील गई। बाढ़ की भयानकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें पूरे के पूरे महल डूब गए थे। नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के चेयरमेन और शोभित विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रो. प्रियंक भारती के अुनासार 1950 के उत्खनन में पहली बार इस बाढ़ को वैज्ञानिक पद्धिति पर प्रमाणित किया गया। इससे पूर्व सिर्फ पुराणों में ही इस भयानक बाढ़ का वर्णन था।
पहली बार ली गई एआई टेक्नोलॉजी की मदद

प्रो. प्रियंक भारती के अनुसार महाभारत पर पहली बार एआई टेक्नोलॉजी की मदद ली गई और पहली बार ही चित्रों की श्रृंखला जारी की गई। उन्होंने बताया कि इस टेक्नोलॉजी के माध्यम से महाभारत के कई और महत्वपूर्ण वृतांतों पर भी काम चल रहा है। प्रो. भारती ने बताया कि महाभारतकालीन हस्तिनापुर की बाढ़ पर फिलहाल लगभग एक दर्जन चित्र जारी किए गए हैं व कुछ दिनों में इस विषय पर एक आॅनलाइन रील भी जारी की जाएगी।
न्यू परतापुर रेलवे स्टेशन पर बनेगा टर्मिनल
मेरठ: न्यू परतापुर रेलवे स्टेशन पर शीघ्र ही टर्मिनल बनेगा। इसके लिए मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद राजेन्द्र अग्रवाल शुक्रवार को केंद्रीय रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव से मिले। सांसद ने बताया कि उन्होंने रेल मंत्री से आग्रह किया कि शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करायी जाए। सांसद ने अश्विनी वैष्णव से उनके रेल भवन स्थित कार्यालय में भेंट की तथा मेरठ के न्यू परतापुर रेलवे स्टेशन पर टर्मिनल का निर्माण करने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की।
उन्होंने ा रेल मंत्री से कहा कि मेरठ के औद्योगिक महत्व को देखते हुए मेरठ के न्यू परतापुर स्टेशन पर माल उतारने चढ़ाने कि सुविधा के प्रावधान के लिए मेरे द्वारा अनुरोध किया गया था, जिसके संबंध मे रेल मंत्रालय के उपक्रम डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड के समूह प्रबंधक परिचालन एवं व्यवसाय विकास द्वारा17 अगस्त 2022 को सूचित किया गया था कि रेलवे कि गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल नीति के अंतर्गत विकसित किये जाने वाले टर्मिनलों मे आवेदन आमंत्रित करने कि प्रक्रिया मे न्यू परतापुर का नाम सम्मिलित कर लिया गया है।

सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने रेल मंत्री से अनुरोध किया कि मेरठ के औद्योगिक क्षेत्र के वर्तमान महत्व तथा संभावित द्रुत विस्तार को ध्यान मे रखते न्यू परतापुर स्टेशन पर माल उतारने चढ़ाने कि सुविधा के प्रावधान के लिए टर्मिनल का निर्माण करने के लिए निविदाएं आमंत्रित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने का भी आग्रह किया।

