- रिश्वत लेते पकड़े गये नगर निगम के दो कर्मचारी
- हाउस टैक्स कम करने के नाम पर वसूल रहे थे डेढ़ लाख रुपये
- एंटी करप्शन की टीम ने रंगे नोटों के साथ पकड़ा, मुकदमा दर्ज
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हाउस टैक्स कम करने के नाम पर दो लाख रुपये की रिश्वत लेते नगर निगम के दो बाबुओं को रंगे हाथों पकड़ा गया है। एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हुए नोटों के साथ जब इन बाबुओं को पकड़ा तो इनकी पैरवी में थाना देहली गेट में भारी जमावड़ा लग गया, लेकिन सबूत होने से नगर निगम के कर्मचारी विरोध नहीं कर सके। एंटी करप्शन की टीम ने दोनों बाबुओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर उनको जेल भेज दिया है।
नगर निगम मेरठ में हाउस टैक्स कम करने के नाम पर जमकर उगाही का खेल चल रहा है। सोमवार को शहर के एक रत्न व्यापारी सुधांशु की शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने नगर निगम के हाउस टैक्स अनुभाग के दो बाबुओं को डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। ईव्ज चौपला (माधव चौक) पर सुधांशु रत्न एवं रुद्राक्ष के नाम से रत्न की दुकान चलाने वाले तथा मेरठ के व्यापारी नेता सुधांशु को नगर निगम के हाउस टैक्स अनुभाग की ओर से चार लाख रुपये का बकाया हाउस टैक्स को लेकर नोटिस भेजा गया।
इतनी भारी भरकम रकम का नोटिस देखकर सुधांशु का माथा ठनक गया। उन्होंने नगर निगम में पहुंचकर इसका विरोध किया तथा हाउस टैक्स अधिक लगा होेन की शिकायत की। सुधांशु ने बताया कि उनके विरोध के बाद नगर निगम के आठ कर्मचारी उनकी दुकान पर आए और बोले कि दो लाख रुपये दे दो। आपका आधा बिल खत्म कर दिया जायेगा। सुधांशु को इन टीम सदस्यों ने यह भी कहा कि इसमें से 50 हजार रुपये सरकारी खाते में जमा होंगे और डेढ़ लाख रुपये सेटिंग के लेकर वार्षिक बिल 50 हजार रुपये कर दिया जाएगा।

फिर वार्षिक बिल 50 हजार रुपये ही आने की बात पर सुधांशु ने तत्काल 50 हजार रुपये देकर इनको तो चलता किया तथा इसकी शिकायत एंटी करप्शन से शिकायत कर दी। सोमवार को एंटी करप्शन की टीम नगर निगम पहुंची। उस समय सुधांशु बाकी के डेढ़ लाख रुपये भी लेकर आये थे। इन रुपयों पर एंटी करप्शन ने केमिकल लगा दिया था। सुधांधु ने यह रुपये पहले दीपक सतवाई नामक बाबू को दिये। दीपक ने इन रुपयों को गिनने के लिए अनुचर राहुल गौतम को दिया।
तभी एंटी करप्शन की टीम धड़धड़ाती हुई हाउस टैक्स अनुभाग पहुंची तथा दीपक सतवाई व राहुल गौतम को नोट गिनते हुए पकड़ लिया। दोनों के हाथ धुलवाये गये तो वह केमिकल की वजह से रंगीन हो गये। टीम दोनों बाबुओं को लेकर थाना देहली गेट पहुंची। नगर निगम के दो-दो बाबुओं के पकड़े जाने की खबर पर थाना देहली गेट में भारी जमावड़ा हो गया, लेकिन पुलिस ने दोनों बाबुओं के खिलाफ रिश्वत लेने की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए जेल भेज दिया।
थाने में खूब खातिरदारी हुई भ्रष्टाचारी कर्मचारियों की
एंटी करप्शन की टीम ने नगर निगम के राजस्व निरीक्षक दीपक सतवाई व अनुचर राहुल गौतम को डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा तो नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों की भारी भीड़ थाना देहली गेट में जमा हो गई। पहले तो इस तरह की खबरें बाहर आर्इं कि पुलिस दबाव बनाने के लिए फर्जी पकड़ रही है। दीपक सतवाई व राहुल गौतम की थाना देहली गेट में नगर निगम के बाकी कर्मचारी नेता खातिरदारी में लगे हुए थे।
उनको पानी की बिसलरी की बोतलें तथा चाय नाश्ता भी खुले आम कराया जा रहा था। एंटी करेप्शन की टीम हजारों नगर निगम कर्मचारियों और अधिकारियों की भीड़ देखकर पहले तो दबाव में आने लगी, लेकिन फिर जब ऊपर से सख्ती करने का फरमान मिला और थाना देहली गेट में लूट का मुकदमा दर्ज होने लगा तो दबाव बनाने वाले कर्मचारी नेता भी धीरे-धीरे करके छंटने लगे।
सोमवार को छापे के दौरान एक बात तो साफ हो गई कि नगर निगम के हाउस टैक्स में लूट के इस धंधे को खुद मुखिया की ही शह है। तभी तो रंगे हाथों रंगे हुए नोट पकड़े जाने के बाद भी उनको झुठलाने वालों की कमी नहीं थी, लेकिन भला हो केमिकल का, जिसने पूरी तरह से पोल पट्टी खोल दी। नहीं तो नगर निगम के इन घाघ कर्मचारियों का बाल भी बांका नहीं हो पाता।
मेरठ की विजिलेंस टीम ने एक्सईएन को रिश्वत लेते दबोचा
मुजफ्फरनगर: मेरठ से आई विजिलेंस टीम ने सोमवार को भोपा पुल के नीचे स्थित लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड-1 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक्सईएन को एक ठेकेदार से रिश्वत के मामले में गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में एक्सईएन से पूछताछ की जा रही है। सोमवार को लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-1 के कार्यालय पर विजिलेंस की टीम ने जाल बिछाकर विभागीय एक्सईएन नीरज सिंह को रिश्वत लेने के आरोप में रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है।
बताया गया कि बड़ौत निवासी ठेकेदार प्रियव्रत एसएस कंस्ट्रक्शन कंपनी के अन्तर्गत विभाग में निर्माण कार्यों का ठेका लेकर काम कर रहे हैं। प्रियव्रत से एक्सईएन ने नाजायज दबाव बनाकर डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जिसकी शिकायत ठेकेदार ने विजिलेंस को की थी। इसके बाद एक्सईएन को ठेकेदार से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है।

