Sunday, February 15, 2026
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चौराहों पर बनाए अवैध ई-रिक्शा, थ्री व्हीलर स्टैंड

नगर में बढ़ती ई-रिक्शों की संख्या अव्यवस्था फैला रही है। अवैध रूप से संचालित हो रहे अवैध ई-रिक्शों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। शहर के किसी भी हिस्से में ई-रिक्शों की काफी संख्या नजर आ जाएगी। इनकी बढ़ती संख्या जाम के हालात पैदा कर रही है। प्रशासन की अंदेखी नगरवासियों को और राहगीरों के लिए परेशानी का सबब है। जबकि प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यदि ऐसे ही हालात रहे तो शहर ई-रिक्शों से भर जाएगा। जहां पैदल निकलना भी मुश्किल होगा। नगर वासियों में प्रशासन की इस उदासीनता से आक्रोश है। इन ई-रिक्शों के संचालन के लिए मानक तय होने चाहिए। जिससे शहर की व्यवस्था बनी रहे।

  • अवैध स्टैंड को पुलिस का संरक्षण, जाम से जूझ रहे हजारों शहरवासी, हर वक्त रहता है जाम का झाम

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर अवैध कब्जे करके थ्री व्हीलर और ई-रिक्शा स्टैंड चल है। यहां दिनभर ई-रिक्शाओं और थ्री व्हीलरों का जमावड़ा लगा रहने से जाम की समस्या गंभीर बनी हुई है। सिविल पुलिस व ट्रैफिक पुलिस का इन्हें खुला संरक्षण मिला है। जिस कारण लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। नगर निगम भी इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं है।

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करीब पांच दशक पूर्व नगर में पेडल से चलने वाली रिक्शा का संचालन शुरू हुआ था। उसे जमाने में नगर पालिका ने घंटाघर चौराहा, हापुड़ अड्डा चौराहा, बागपत अड्डा चौराहा, डीएन कॉलेज के सामने, बच्चा पार्क चौराहा, पशु चिकित्सालय के आगे, इंदिरा चौक, भूमिया का पुल, गोला कुआं चौराहा, लिसाड़ी गेट तिराहा, शहर कोतवाली, तहसील कार्यालय के बाहर, कचहरी के आगे, आंबेडकर तिराहा, दिल्ली गेट चौराहा कबाड़ी बाजार चौपला आदि स्थानों पर रिक्शा स्टैंड बनाए थे।

वहां रिक्शा चालकों के लिए टीन शेड डाले गए थे। धीरे-धीरे इनके रखरखाव पर ध्यान न देने से इनका अस्तित्व मिट गया। अधिकारियों ने ऐसी नींद भरी की आज तक इस ओर आंखें खोलकर नहीं देखा। नगर में सभी चौराहों और तिराहों पर अवैध रूप से ई-रिक्शा व थ्री व्हीलर स्टैंड चल रहे हैं। वहां दिनभर ई-रिक्शा और थ्री व्हीलरों का जमावड़ा लगे रहने से जाम की समस्या बनी हुई है। खास बात है कि अधिकांश चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस रहती है। कुछ चौराहों पर पुलिस पीकेट भी तैनात रहती है,

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लेकिन वह स्टैंड को हटाने के बजाय उन्हें खुला संरक्षण देती है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा बुलाई जाने वाली उद्योग बंधु और व्यापारी बंधुओं की बैठक में अवैध थ्री व्हीलर व ई-रिक्शा स्टैंड का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाता है। इसके अलावा कई बार जनप्रतिनिधि भी इन मुद्दों को अधिकारियों के समक्ष रखते हैं, लेकिन अधिकारी इस समस्या को एक काम से सुनकर दूसरे काम से निकाल देते हैं। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

यहां चल रहे अवैध स्टैंड

बेगमपुल चौराहा, एसएसडी चौराहा, घंटाघर चौराहा, हापुड़ अड्डा चौराहा, बागपत अड्डा तिराहा, भूमिया का पुल चौराहा, रेलवे रोड चौराहा, फुटबॉल तिराहा, एल ब्लॉक तिराहा, मेडिकल कॉलेज, भैंसाली बस अड्डा के आगे, शोहराब गेट बस अड्डा के आगे अवैध रूप से थ्री व्हीलर व ई-रिक्शा स्टैंड बन गए हैं।

  • नहीं है जमीन उपलब्ध

नगर में विभिन्न चौराहा पर ई-रिक्शा व थ्री व्हीलर स्टैंड बनाने के लिए नगर निगम से जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया, लेकिन नगर निगम ने आज तक कहीं भी जमीन उपलब्ध नहीं कराई। जिस कारण स्टैंड नहीं बन पा रहे हैं। ऐसे में ई-रिक्शा व थ्री व्हीलर चालक सड़कों पर अपने वाहन को रोक लेते हैं। उन्हें ट्रैफिक पुलिस निरंतर हटवाती रहती है। -रघुवेंद्र मिश्रा, एसपी ट्रैफिक।

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