Sunday, February 15, 2026
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एनएचएम घोटाला, यूपी टेक पेपर लीक में भी राजीव जा चुका जेल

  • हरियाणा के गुरुग्राम के अलावा रीवा के एक रिसोर्ट में भी पढ़ाया गया था पेपर लीक का पाठ

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती घोटाले का मुख्य आरोपी राजीव नयन मिश्रा पहले भी यूपी टेक पेपर लीक मामले में गाजियाबाद के कौशांबी से जेल भेजा जा चुका है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के ग्वालियर के करोड़ों रुपये के एनएचएम घोटाले में भी उसको भेज भेजा गया था। एसटीएफ सूत्रों ने जानकारी दी है कि राजीव नयन मिश्रा पेपर लीक मामलों में खास महारथ रखता है। जिस तर्ज पर उसने पुलिस भर्ती पेपर लीक कांड को अंजाम दिया, उसी तर्ज पर यूपी पेपर लीक कांड अंजाम दिया गया।

पेपर लीक कांड में अदालत से पांच आरोपियों का रिमांड मिल गया है। उम्मीद की जा रही है कि रिमांड के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं। एसटीएफ का प्रयास है कि इस कांड के आरोपी भले ही पाताल में छिपे हों, लेकिन उन्हें तलाश कर अंजाम तक पहुंचाया जा सके ताकि भविष्य में कोई इस तरह की हिमाकत ना कर सके। सूत्रों ने जानकारी दी है कि जिनका रिमांड लिया गया है, उनसे महत्वपूर्ण क्लू मिलने की उम्मीद है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं कि अभी और किन-किन की गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं।

अब तक 50 से ज्यादा

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती पेपर लीक कांड की यदि बात की जाए तो इस मामले में उत्तर प्रदेश की दूसरी एजेंसियों व एसटीएफ की कार्रवाई में अब तक करीब 400 गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। इनमें यदि एसटीएफ के हाथों की गर्इं गिरफ्तारी की बात की जाए 50 से ज्यादा को दबोचा गया है। वैसे बताया गया है कि पुलिस टीम ने राजीव नयन की गिरफ्तारी से पहले तक मामले में 396 आरोपियों को गिरफ्तार है। राजीव नयन की गिरफ्तारी से पहले तीन आरोपी गाजियाबाद से भी पकड़े गए थे, उन्हें भी कंकरखेड़ा थाने से जेल भेजा गया था।

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सरकारी डाक्टर भी शामिल

उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक कांड में केवल प्राइवेट किरदार ही नहीं है, बल्कि इनमें एक आरोपी पटना के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत डाक्टर भी है। यह खुलासा गाजियाबाद से पूर्व में गिरफ्तार किए गए शिवम गिरी, रोहित पांडेय और अभिषेक ने किया था। तीन गिरफ्तारियों के बाद ही पेपर लीक कांड का ट्रांसपोर्ट कंपनी व गुजरात के अहमदाबाद की प्रिंटिंग प्रेस का कनेक्शन सामने आया था।

दूसरी पाली का हुआ था लीक

एसटीएफ प्रभारी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि 18 फरवरी को यूपी पुलिस की परीक्षा थी, लेकिन परीक्षा से एक दिन पहले दूसरी पाली का पेपर लीक हो गया था। इसके बाद एसटीएफ आरोपियों की धरपकड़ में शुरू हो गई थी। पेपर लीक के मामले में पुलिस ने अब तक उत्तर प्रदेश से 54 लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है।

मोबाइल से खींचा था फोटो

जो पेपर लीक हुआ था उसका फोटो आरोपियों ने मोबाइल के कैमरे से खींचा था। इसके बाद आरोपियों ने पेपर लीक करने वाले गिरोह से संपर्क किया था। जहां उनका 15 लाख रुपये में पेपर लिख करने का सौदा तय हुआ था। जिसके बाद आरोपियों ने फोटो खींचकर पेपर लीक कर दिया था। सिपाही भर्ती की लिखित परीक्षा का पेपर लीक होने के मामले में एसटीएफ जल्द ही प्रिंटिंग प्रेस संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकती है। अब तक हुई जांच में प्रिंटिंग प्रेस से ही पेपर लीक होने के प्रमाण मिल रहे हैं।

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