- थाने से कुछ कदम की दूरी पर अज्ञात वाहन ने टक्कर मारकर कुचला
जनवाणी संवाददाता |
सरूरपुर: सरधना-बिनौली मार्ग पर बुधवार को अज्ञात वाहन ने बाइक में टक्कर मारकर दो चचेरे भाइयों को कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गयी। दर्दनाक हादसे की खबर जब परिवार वालों को मिली तो घर में कोहराम मच गया। रोते बिलते परिवार वाले मौके पर पहुंचे। हालांकि उनके पहुंचने से पहले ही पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज चुकी थी।

हादसा इतना भयंकर था कि एक युवक की टांग ही टूट कर अलग जा गिरी थी। जिसने भी शवों को देखा चीख निकल गयी। सड़क पर दूर तक फैले मांस के लौथडेÞ व फैला हुआ खून हादसे हादसे के भयंकर होने की गवाही दे रहा था। हादसे के बाद जहां चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया।

बुधवार को रात करीब सात बजे सरूरपुर थाने के पास जसड़ जोड़ा प्याऊ के पास बाइक संख्या यूपी-15 एएस 3824 पर सवार होकर दो युवकों को अज्ञात वाहन ने टक्कर मारकर कुचल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अज्ञात वाहन काफी तेजी से जा रहा था। ऐसा लगा कि चालक नियंत्रण खो बैठा और हड़बड़ी में उसने सामने बाइक पर टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक तेजी से हवा में उछली। बाइक पर बैठे दोनों युवक सड़क पर जा गिरे।
जैसे ही वह गिरे उनको कुचल दिया। टक्कर मारने के बाद बुरी तरह से कुचल दिया और लगभग 20 मीटर तक घसीट कर ले गया। दोनों बाइक सवार बुरी तरह से कुचलने के साथ मौके पर ही दोनों लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई।

हादसे के बाद जहां चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों युवकों के शव को पोस्टमार्र्टम के लिए भिजवाया। प्रभारी निरीक्षक अखिलेश गौड़ ने बताया कि हादसे में मारे गए दोनों युवकों की पहचान बुधवार देर रात करनावल निवासी चचेरे भाइयों आर्यन पुत्र पुनीत व निशांत उर्फ छोटू पुत्र सुशील के रूप में हुई।
जा रहे थे डीजल लेने
बताया गया कि दोनों युवक ट्रैक्टर के लिए डीजल लेने सरूरपुर पेट्रोल पंप पर गए थे। जहां से वापस लौटते समय यह हादसा हुआ। परिवार वालों ने बताया कि दोनों बीए के छात्र हैं। एक मेरठ पढ़ता था, जबकि दूसरा सरूरपुर में दोनों युवकों की मौत की खबर पाकर परिवार वालों में कोहराम मच गया। परिवार वाले सूचना पाकर थाने पर पहुंचे और जहां अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।

बुझ गया एक घर का चिराग
सड़क हादसे में मारे गया आर्यन पुत्र पुनीत परिवार का इकलौता बेटा था। मेरठ के एमआईटी का छात्र था। उसके हादसे में मारे जाने के बाद एक तरह से घर का चिराग ही बुझ गया। वह परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी एक बहन लकी भी है, जो अपने भाई को याद करके बार-बार बेहोश हो रही है। मां शिखा और पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है तथा मां-बाप व बहन बदहवास हालत में है घर का चिराग बुझाने पर कस्बे के लोगों भी सदमे में है। परिवारों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा, जबकि मृतक निशांत दो भाई है।

