जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: वो दिन दूर नहीं जब दूरदराज तक अपने नाम की धाक जमाने वाला नौचंदी मेला अपना अस्तित्व खो देगा। एक समय था जब लोग और दुकानदार दोनों नौचंदी लगने का बेसब्री से इंतजार करते थे और दूर शहरों से आए दुकानदारों से सामान खरीदते थे। आज आलम ये है कि मेला अव्यवस्थाओं की धूल में खो रहा है। जिसकी पहचान कभी पूरे प्रदेश की शान होती थी। मेला दूर तक खामियों की चर्चाओं में है। नौचंदी मेले में ठेकेदार विपिन कुमार और सनी की मनमानी और बार-बार की बिजली कटौती से व्यापारी परेशान हो उठे हैं।
भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच बिजली की कटौती और लगातार हो रही चोरी से दुकानदारों को खासा नुकसान उठाना पड़ रहा हैं। जिसके चलते रविवार की रात व्यापारी वर्ग का सब्र टूट गया और उन्होंने बिजली व्यवस्था को लेकर जमकर हंगामा किया। व्यापारियों का आरोप है कि ठेकेदार की मनमानी के चलते उनसे बिजली का चौगुना शुल्क देने का दबाव बनाया जा रहा हैं और बात ना मानने पर ठेकेदार बदसलूकी पर उतारू हैं और लाइट काट रहे हैं। जिससे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं। बता दे कि मेले में लगभग 80 प्रतिशत दुकाने हैं। जिनमें से 30 प्रतिशत दुकाने राजस्थान, मध्यप्रदेश, जयपुर, अलीगढ़, बिजनौर आदि जगहों से आए व्यापारियों की है। जिनसे नगर निगम द्वारा आवंटित ठेकेदारों ने बिजली और रहने की व्यवस्था के लिए 45 से 50 हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। मेले में बिजली व्यवस्था की बदहाली ने व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
मनमाने पैसे न देने पर ठेकेदार काट रहे बिजली
नौचंदी मेले में ठेकेदारों की मनमानी चरम पर है। दुकानदारों द्वारा बिजली की दरें कम करने और बिल रसीद देने की मांग करना अब उनके लिए मुसीबत बन गया है। आरोप है कि मांग न मानने पर बिजली ठेकेदार मनमाने ढंग से व्यापारियों की बिजली काट रहे हैं। इससे दुकानदारों में भारी आक्रोश है और उनका व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। अव्यवस्था और शोषण के बीच व्यापारियों का सब्र टूटता जा रहा है।
पूर्व कैंट विधायक ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
रविवार को नौचंदी मेले में इस बार हो रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को देखते हुए पूर्व कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने मेला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा। नगर निगम द्वारा आयोजित मेले में बिजली आपूर्ति को लेकर व्यापारियों में भारी असंतोष के संदर्भ में पत्र लिखते हुए कार्रवाई की मांग की है। जिसमें उन्होंने बताया कि इस वर्ष बिजली आपूर्ति का ठेका जिस ठेकेदार को दिया गया है, उसने प्रति किलोवाट 19800 रुपये + जीएसटी की दर से वसूली की है, जबकि यही दर अन्य जनपदों में जैसे अलीगढ़ में मात्र 10,000 रुपये है। इससे व्यापारियों को आर्थिक शोषण का शिकार होना पड़ रहा है। साथ ही दुकान आवंटन के समय भी नगर निगम द्वारा 1420 रुपये प्रति 20 वाट की दर से बिजली शुल्क वसूला गया है, जिससे दुकानदारों को एक ही सेवा के लिए दो बार भुगतान करना पड़ा है और बिजली ठेकेदार द्वारा दुकानदारों को कोई विधिवत बिल या रसीद नहीं दी जा रही, जिससे बड़े स्तर पर जीएसटी की चोरी की जा रही है। यह स्थिति झूला, पार्किंग और सर्कस जैसे मनोरंजन साधनों में भी देखी जा रही है, जहां मनोरंजन कर नाम मात्र का जमा किया जा रहा है। सत्यप्रकाश अग्रवाल ने अनुरोध किया है कि मेला प्रशासन तत्काल बिजली दरों की समीक्षा कर उन्हें अन्य जिलों के समकक्ष लाए, सभी दुकानदारों को वैध बिल उपलब्ध कराए जाएं और पिछले पांच वर्षों की जीएसटी चोरी की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
बिजली ठेकेदार करता है अभद्र व्यवहार
पिछले 30 सालों से नौचंदी में दुकान लगा रहे हैं। ठेकेदार बिजली के पैसे चार गुना ज्यादा मांग रहा है, न देने पर अभद्रता की जा रही है। हम पैसे देने को मना नहीं कर रहे हैं, लेकिन उतना ही भुगतान करेंगे, जितना इस्तेमाल कर रहे हैं।
-निरंजन सिंह, नानखटाई वाले।
अंधेरे में दुकानदारों के हो रहे फोन चोरी
रात को चार बजे बिजली काट दी जाती है। जिसके बाद अंधेरे का फायदा उठाकर यहां रोज दुकानदारों के फोन चोरी हो रहे हैं।
-रामस्वरूप, अलीगढ़।
नहीं आएंगे नौचंदी मेले में
पिछले 10 सालों से दुकान लगा रहे हैं। बुलंदशहर और अलीगढ़ में भी दुकान लगाते हैं, लेकिन नौचंदी मेले में जितना कही परेशान नहीं किया गया। मेरठ में एक किलोवाट के 25 हजार रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा है। दुकान में सिर्फ मेला द्वारा दी गयी दो लाइट चल रही है। दिन-रात बिना लाइट पंखों से परेशान हैं। अगली बार मेले में नहीं आएंगे।
-मोहम्मद फरियाद, बिजनौर, बॉम्बे क्रैकर हाउस।
बिन लाइट के खराब हो रहा सामान
ठेकेदार बदसलूकी कर रहा है। ठेकेदार द्वारा बिजली के लिए 45 हजार रुपये नाजायज मांगे जा रहे हैं। मांग न पूरी करने पर शनिवार की रात से दुकान की लाइट काट दी। जिससे दुकान में रखा सारा सामान खराब हो गया। जिससे 35 हजार रुपये का नुकसान हो गया है।
-वीर सिंह, चुस्की वाले।

