नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। अमेरिका ने पाकिस्तान को आधुनिक मिसाइलें देने से इनकार कर दिया है। शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में अमेरिका ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को केवल सीमित उपकरणों और रखरखाव से जुड़े हथियारों की सप्लाई की जाएगी, लेकिन कोई नया या एडवांस्ड हथियार नहीं दिया जाएगा। दरअसल, हाल ही में मीडिया में ऐसी रिपोर्टें सामने आई थीं कि अमेरिका, पाकिस्तान को एडवांस्ड मीडियम रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (AMRAAM) देने पर विचार कर रहा है। हालांकि अब अमेरिका ने ही इससे इनकार कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स ने किया दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक बयान में कहा है कि ’30 सितंबर को युद्ध विभाग ने कई देशों को, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है, हथियारों के उपकरण बेचने का एलान किया था। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान को एएमआरएएम मिसाइलों की डिलीवरी की जाएगी, लेकिन ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। साथ ही पाकिस्तान की मौजूदा क्षमताओं में इजाफे का भी कोई विचार नहीं है।’
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के कई मीडिया चैनल ने दावा किया कि अमेरिका के युद्ध विभाग ने पाकिस्तान को AMRAAM मिसाइलों को बेचने की मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका के एरिजोना के टकसन में स्थित रेथियोन कंपनी पाकिस्तान को आधुनिक मिसाइलों की आपूर्ति करेगी। इन खबरों को अमेरिका द्वारा पाकिस्तान की वायु सेना की सैन्य क्षमताओं में इजाफा करने के तौर पर देखा गया, लेकिन अब अमेरिका ने साफ कर दिया है कि उसकी ऐसी कोई योजना नहीं है।
2007 में अमेरिका से पाकिस्तान को मिल चुकी है 700 AMRAAM मिसाइलें
पाकिस्तान को साल 2007 में अमेरिका से 700 AMRAAM मिसाइलें मिल चुकी हैं, जो पाकिस्तान ने अपने एफ-16 लड़ाकू विमानों के लिए खरीदीं थीं। यह उस समय हवा से हवा में मार करने वाली AMRAAM मिसाइलों का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर था। नई डील की बात ऐसे समय उठी, जब पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख आसिम मुनीर ने सितंबर में व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की थी।
हवा से हवा में मार करने वाली घातक मिसाइल है AMRAAM
अमेरिका की वायुसेना के अनुसार, AMRAAM हवा से हवा में मार करने वाली घातक मिसाइल है। इस मिसाइल की खासियत ये है कि इसमें टारगेट को लॉक किया जा सकता है, मतलब कि यह मिसाइल अपने टारगेट को खत्म करके ही दम लेती है। इसे ह्यूजेस एयरक्राफ्ट कंपनी और रेथियॉन कंपनी मिलकर बनाती हैं। इस मिसाइल की लंबाई 143.9 इंच (366 सेंटीमीटर) और वजन 150.75 किलोग्राम होता है। यह हवा से हवा में 20 मील तक मार करने की क्षमता रखती है। यह मिसाइल सुपरसोनिक गति से टारगेट की ओर बढ़ती है और पलक झपकते ही अपने लक्ष्य को तबाह कर देती है। यह सितंबर 1991 से ही अमेरिकी सेना में शामिल कर ली गई थी। इस मिसाइल के टक्कर की कोई मिसाइल अभी भारतीय वायुसेना के पास नहीं है, ऐसे में पाकिस्तान को एएमआरएएएम मिसाइल मिलने की खबर भारत के लिहाज से भी चिंताजनक थी, क्योंकि इससे पाकिस्तानी वायुसेना की क्षमताओं में काफी इजाफा हो सकता था।

