तीतरो क्षेत्र के ज्यादातर शिक्षण संस्थान में रन फॉर यूनिटी के तहत सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती मनाई गई। इंटर कॉलेज, प्राइमरी विद्यालय, ब्राइट होम, गुरु नानक कन्या इंटर कॉलेज आदि शिक्षण संस्थानों में जयंती मनाई गई।
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय महंगी छात्राओं ने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर और पदयात्रा निकाल कर उनके समर्पण को याद किया और नारे भी लगाए। उसके पश्चात विद्यालय के अध्यापक गणों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पार्चन किया। छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने के साथ ही पाकिस्तान का विभाजन और देश की छोटी बड़ी रियासतें भी स्वतंत्र होकर अलग होने की कोशिश कर रही थी। जिसे देश के तत्कालीन उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल जी ने रियासतों को एकता के सूत्र में पिरो कर अखण्ड भारत का निर्माण किया।
झवेर भाई पटेल और लाडवा पटेल की चौथी सन्तान के रूप मे जन्मे बल्लभ भाई पटेल ने हमेशा ब्रिटिश सरकार और इसके कठोर कानूनों का विरोध किया। महात्मा गांधी के विचार धाराओं और सरकार के प्रति घृणा ने उन्हे आजादी के लिए भारतीय संघर्ष में गोता लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों से करो का भुगतान करने के लिए मन किया क्योंकि सरकार ने खेड़ा बाढ के बाद उनसे करो की माँग की थी।उनके पास अच्छे नेतृत्व के गुण थे, उन्होंने कई आंदोलनों का सफलतापूर्वक नेतृत्व किया था इसलिए उन्हें सरदार की उपाधि से नवाजा गया। 1991में मरणोपरांत उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इस अवसर छात्राएं वह समस्त स्टाफ मौजूद रहा |

