जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बांग्लादेश में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के मामले में आज एक विशेष ट्रिब्यूनल अपना फैसला सुनाने वाला है। इस फैसले से पहले देशभर में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है, जबकि ढाका सहित कई जिलों में पुलिस को हिंसक प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने तक की अनुमति दे दी गई है।
रविवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने शेख हसीना (78) के खिलाफ अधिकतम सजा यानी मृत्युदंड की मांग फिर दोहराई। यह मुकदमा उनकी अनुपस्थिति में चल रहा है।
प्रोसिक्यूटर गाजी एम.एच. तमीम ने कहा, “हमने हसीना के लिए अधिकतम सजा की मांग की है। इसके साथ ही दोषियों की संपत्ति जब्त करने और पिछले वर्ष हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में मारे गए और घायल हुए लोगों के परिवारों में वितरित करने का अनुरोध भी किया है।”
गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण तक अपील नहीं
तमीम ने यह भी स्पष्ट किया कि ICT-BD के कानून के तहत शेख हसीना तब तक सर्वोच्च न्यायालय में अपील नहीं कर सकतीं, जब तक वे या तो आत्मसमर्पण न करें या फैसले के आने के 30 दिनों के भीतर गिरफ्तार न हो जाएं।
पूरे देश में हाई अलर्ट
पिछले दिनों फैसले की आशंका में छिटपुट आगजनी, तोड़फोड़ और देसी बम विस्फोट जैसी घटनाओं के बाद ढाका, चटगांव समेत चार जिलों में बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के जवानों को तैनात कर दिया गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, गृह सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी ने कहा, “देश में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी कानून-व्यवस्था एजेंसियों ने आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।”
ढाका में पुलिस को गोली चलाने का आदेश
स्थिति की गंभीरता देखते हुए राजधानी ढाका में पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि यदि प्रदर्शनकारी नियंत्रण से बाहर होते हैं, तो उन पर गोली चलाई जा सकती है। फैसले से पहले देशभर में बेचैनी और तनाव का माहौल है। बाजार बंद हैं, कई इलाकों में इंटरनेट सेवाओं को सीमित कर दिया गया है और सुरक्षा बलों की लगातार गश्त जारी है।

