जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को बजट 2026-27 की तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के साथ बजट-पूर्व परामर्श की 11वीं बैठक की अध्यक्षता की।
बैठक में दोनों क्षेत्रों की चुनौतियों, निवेश आवश्यकताओं और आगामी बजट से उम्मीदों पर विस्तृत चर्चा हुई। वित्त मंत्रालय के अनुसार विशेषज्ञों ने दीर्घकालिक पूंजी प्रवाह बढ़ाने, ऊर्जा संक्रमण को तेज करने और देश में लॉजिस्टिक्स लागत कम करने के लिए कई अहम सुझाव दिए।
इस उच्चस्तरीय परामर्श में कई प्रमुख मंत्रालयों व संस्थाओं के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे। इनमें विद्युत मंत्रालय, पोत परिवहन मंत्रालय, सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के सचिव, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, और भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार शामिल थे।
बजट पूर्व विचार-विमर्श की यह कड़ी सरकार की उस प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों से सीधे इनपुट लेकर आगामी बजट को अधिक समावेशी और विकासोन्मुख बनाने का प्रयास किया जाता है।
सरकार फरवरी 2026 में केंद्रीय बजट पेश करेगी। ऐसे में यह परामर्श बैठक इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर नीतिगत दिशा तय करने में अहम मानी जा रही है।

