जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बांग्लादेश के चर्चित छात्र नेता और इंकिलाब मंचो के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश की राजनीति में एक बड़ा तूफान खड़ा हो गया है। मृतक के भाई ओमर हादी ने मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनके भाई की हत्या आगामी राष्ट्रीय चुनावों को पटरी से उतारने के लिए की गई थी। ओमर हादी का कहना है कि सत्ता में बैठे एक गुट ने जानबूझकर इस हत्या को अंजाम दिया, ताकि चुनावी माहौल को अस्थिर किया जा सके और राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।
ओमर हादी का सरकार पर सीधा हमला
ढाका के शाहबाग इलाके में राष्ट्रीय संग्रहालय के सामने आयोजित शहीदी शपथ कार्यक्रम में ओमर हादी ने बांग्लादेश सरकार पर तीखा हमला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने कहा, “यह आप ही हैं जिन्होंने उस्मान हादी को मरवाया और अब उसी मुद्दे को लेकर चुनाव बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।” ओमर हादी का यह बयान एक सीधे आरोप के रूप में आया, जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर एक खास गुट ने साजिश रचकर इस हत्या को अंजाम दिया।
ओमर हादी का आरोप है कि उस्मान हादी, जो कि 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव में उम्मीदवार थे, उनकी हत्या इसलिए की गई ताकि चुनावी माहौल को अस्थिर किया जा सके और राजनीतिक फायदा उठाया जा सके। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके भाई ने किसी भी विदेशी एजेंसी या आकाओं के सामने झुकने से इनकार कर दिया था।
ओमर हादी ने कहा, ‘अगर न्याय नहीं मिला
ओमर हादी ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके भाई शरीफ उस्मान हादी के हत्यारों को जल्द सजा नहीं दी गई, तो यूनुस सरकार का भी वही अंजाम हो सकता है जो पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का हुआ था। ओमर हादी ने कहा, “हत्यारों पर जल्द मुकदमा चलाया जाए, ताकि चुनावी माहौल प्रभावित न हो। अब तक सरकार कोई ठोस प्रगति नहीं दिखा पाई है। अगर उस्मान हादी को न्याय नहीं मिला, तो आपको भी एक दिन बांग्लादेश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ेगा।”
19 दिसंबर को हुआ था हादी का निधन
बता दें कि 32 वर्षीय शरीफ उस्मान हादी पर ढाका में एक मस्जिद से बाहर निकलते समय गोली चलाई गई थी। गंभीर रूप से घायल हादी को सिंगापुर इलाज के लिए भेजा गया, जहां 19 दिसंबर को उनका निधन हो गया। उनकी हत्या ने पूरे बांग्लादेश को झकझोर दिया, और ढाका समेत कई इलाकों में तनाव की स्थिति बन गई।
उस्मान हादी 2024 के आंदोलन का अहम चेहरा थे
उस्मान हादी उन प्रमुख छात्र नेताओं में शामिल थे जिन्होंने 2024 में हुए जन आंदोलन का नेतृत्व किया था। इस आंदोलन के बाद शेख हसीना को अगस्त 2024 में पद छोड़कर भारत भागना पड़ा, जहां वह फिलहाल निर्वासन में हैं।

