जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका पर सवाल खड़े किए। ओवैसी ने आरोप लगाया कि आरएसएस के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार को ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष करने के लिए नहीं, बल्कि खिलाफत आंदोलन के समर्थन में जेल जाना पड़ा था।
छत्रपति संभाजीनगर में महाराष्ट्र निकाय चुनाव के मद्देनज़र आयोजित जनसभा में ओवैसी ने भाजपा और आरएसएस दोनों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि संघ आज देशभक्ति का दावा करता है, लेकिन यह बताने में असमर्थ है कि उसका कोई भी नेता अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में जेल गया हो या शहीद हुआ हो।
भाजपा पर हिंदुत्व एजेंडा थोपने का आरोप
ओवैसी ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार देश में हिंदुत्ववादी एजेंडा आगे बढ़ाने में लगी है और अपनी प्रशासनिक असफलताओं से जनता का ध्यान भटकाने के लिए अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर में कोई बांग्लादेशी नहीं है और यदि कोई पाया जाता है, तो यह सीधे तौर पर नरेंद्र मोदी सरकार की विफलता होगी। उन्होंने कहा, “अगर पुलिस, खुफिया एजेंसियां और सीमा सुरक्षा बल मौजूद हैं, तो फिर बांग्लादेशी कैसे आ रहे हैं? अगर कोई है भी, तो यह सरकार की नाकामी है।”
आरएसएस और इतिहास पर ओवैसी का सवाल
आरएसएस पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा, “वे कहते हैं कि हेडगेवार जेल गए थे, लेकिन वे अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के लिए नहीं, बल्कि खिलाफत आंदोलन के समर्थन में जेल गए थे। आज यही लोग मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैला रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि आरएसएस देशभक्ति का पाठ पढ़ाता है, जबकि स्वतंत्रता आंदोलन में मुंबई के यूसुफ मेहरअली जैसे नेताओं ने ‘भारत छोड़ो’ और ‘साइमन गो बैक’ जैसे ऐतिहासिक नारे दिए।
क्या था खिलाफत आंदोलन
खिलाफत आंदोलन 1919 से 1924 के बीच चला एक प्रमुख मुस्लिम आंदोलन था, जिसका उद्देश्य प्रथम विश्व युद्ध के बाद तुर्किए के खलीफा के पद की बहाली और ओटोमन साम्राज्य के विघटन का विरोध करना था। इस आंदोलन का नेतृत्व मोहम्मद अली और शौकत अली ने किया था, जिसे महात्मा गांधी और कांग्रेस का भी समर्थन प्राप्त था।
सीमा सुरक्षा और बांग्लादेश मुद्दे पर सरकार को घेरा
ओवैसी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि बांग्लादेश सीमा पर अब तक 10 किलोमीटर की बाड़ भी पूरी नहीं हो पाई है। उन्होंने दावा किया कि चीन और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई बांग्लादेश तक पहुंच चुकी हैं, जबकि भाजपा और आरएसएस देश के भीतर “बांग्लादेशी-बांग्लादेशी” का शोर मचा रहे हैं।
एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर सवाल
एआईएमआईएम प्रमुख ने एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि नागरिकता कानून के तहत किसी की नागरिकता पर सवाल उठाने का अधिकार गृह मंत्रालय के पास है, लेकिन मोदी सरकार ने यह जिम्मेदारी चुनाव आयोग को सौंप दी है, जो संवैधानिक रूप से गलत है।
मतदान की अपील
अपने संबोधन के अंत में ओवैसी ने जनता से आने वाले नगर निगम चुनावों में बड़ी संख्या में मतदान करने की अपील की और कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है।

