जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: ग्रैमी अवॉर्ड्स आमतौर पर संगीत जगत के दिग्गज कलाकारों को दिए जाते हैं, लेकिन 68वें ग्रैमी अवॉर्ड्स में आध्यात्मिक जगत की एक महान हस्ती ने इतिहास रच दिया है। 14वें दलाई लामा ने अपना पहला ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर दुनिया भर में ध्यान खींचा है। उन्हें यह सम्मान अपनी ऑडियो एल्बम ‘स्पोकन वर्ड मेडिटेशंस: द रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा’ के लिए दिया गया है। दलाई लामा को यह अवॉर्ड ‘बेस्ट ऑडियो बुक, नरेशन एंड स्टोरीटेलिंग रिकॉर्डिंग’ कैटेगरी में मिला है।
क्यों खास है दलाई लामा का यह ग्रैमी अवॉर्ड
यह दलाई लामा का पहला ग्रैमी अवॉर्ड है, जिससे उन्होंने एक नया इतिहास रचा है। इस जीत के साथ वह के-पॉप कलाकारों और हॉलीवुड के मशहूर निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग जैसे नामों के साथ पहली बार ग्रैमी जीतने वालों की सूची में शामिल हो गए हैं। ग्रैमी अवॉर्ड्स हर साल रिकॉर्डिंग एकेडमी द्वारा आयोजित किए जाते हैं और इसे संगीत व ऑडियो कंटेंट की दुनिया का सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।
‘स्पोकन वर्ड मेडिटेशंस’ एल्बम की खासियत
जिस ऑडियो एल्बम के लिए दलाई लामा को यह सम्मान मिला है, उसका उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को शांति, करुणा और मानसिक संतुलन का संदेश देना है।एल्बम ‘मेडिटेशन: रिफ्लेक्शंस ऑफ हिज होलीनेस द दलाई लामा’ में तिब्बती बौद्ध गुरु के आध्यात्मिक विचारों का संकलन है। इसमें करुणा, आंतरिक शांति, दुख से उबरने और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। इस एल्बम में संगीत, ध्यान और आध्यात्मिक चिंतन का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है, जिसका मकसद वैश्विक सद्भाव और खुशहाली को बढ़ाना है।
दुनियाभर में प्रभाव, हॉलीवुड सेलेब्स भी हैं प्रशंसक
दलाई लामा का जन्म 6 जुलाई 1935 को तिब्बत के एक गांव में हुआ था। वह कई वर्षों से भारत में निवास कर रहे हैं और वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में रहते हैं। उनकी शिक्षाएं और विचार न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में प्रेरणा का स्रोत हैं। कई हॉलीवुड हस्तियां भी उनके दर्शन से प्रभावित हैं। मशहूर अभिनेता रिचर्ड गेरे दलाई लामा के शिष्य माने जाते हैं और वह अक्सर धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होते रहते हैं।
आध्यात्मिक संदेश को वैश्विक मंच पर मिली पहचान
दलाई लामा को मिला यह ग्रैमी अवॉर्ड इस बात का प्रतीक है कि शांति, करुणा और मानवता जैसे मूल्यों की आवाज़ आज भी वैश्विक मंच पर सुनी और सराही जाती है। यह सम्मान न केवल एक उपलब्धि है, बल्कि दुनिया को सकारात्मक दिशा में सोचने का संदेश भी देता है।

