Tuesday, March 24, 2026
- Advertisement -

Haryana News: गेम के टास्क ने लिया खतरनाक मोड़, बेटे ने रात में पिता की गर्दन पर रखा चाकू

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: हरियाणा के कैथल में ऑनलाइन गेमिंग की लत से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक किशोर ने गेम के टास्क को पूरा करने के लिए अपने पिता की गर्दन पर चाकू रख दिया। गनीमत यह रही कि पिता की नींद खुल गई, और एक बड़ा हादसा टल गया।

यह घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। नागरिक अस्पताल के मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिसर, डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि इससे पहले करनाल के बल्ला गांव से भी अभिभावक अपने बेटे को इलाज के लिए लेकर आए थे, जो एक ऐसे ऑनलाइन गेम का आदी हो चुका था, जिसमें हिंसक टास्क दिए जाते हैं, ताकि वह अगले लेवल पर पहुंच सके।

गेमिंग के जुनून में डूबा बच्चा

इस किशोर को गेम के टास्क के तहत अपने पिता की गर्दन पर चाकू रखने का आदेश मिला था। परिणामस्वरूप, वह आधी रात को उठकर अपने पिता की गर्दन पर चाकू रखने के लिए तैयार हो गया। हालांकि, सौभाग्य से पिता की नींद खुल गई और बड़ी दुर्घटना से बचाव हुआ। काउंसलिंग के दौरान यह भी सामने आया कि बच्चे के घर में घरेलू हिंसा होती थी, जिसका मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा था।

डोपामाइन और बच्चों पर गेमिंग का असर

डॉ. विनय गुप्ता ने बताया कि इस तरह के ऑनलाइन गेम में बच्चों को वर्चुअल रिवॉर्ड्स मिलते हैं, जिससे उनके दिमाग में डोपामाइन का स्तर बढ़ता है। डोपामाइन एक न्यूरोट्रांसमीटर है, जिसे फील-गुड या आनंद हार्मोन भी कहा जाता है। यह प्रेरणा, खुशी, ध्यान, स्मृति, और शारीरिक गतिविधियों को नियंत्रित करता है।

इसका प्रभाव यह होता है कि बच्चों को सही और गलत का फर्क समझने में मुश्किल होने लगती है। यही वजह है कि कुछ बच्चों में यह मानसिकता विकसित हो जाती है कि वे अपने परिवार के सदस्यों को दुश्मन समझने लगते हैं। ऐसे बच्चे कभी गंभीर अपराध करने की ओर बढ़ सकते हैं या आत्मघाती कदम उठा सकते हैं।

चोरी जैसी घटनाएं और गंभीर परिणाम

जिले में ऐसे कई अन्य मामले भी सामने आए हैं, जहां बच्चों ने गेम के लिए हथियार खरीदने या अपने गेम के किरदार को अपग्रेड करने के लिए घर में चोरी जैसी घटनाएं अंजाम दीं। काउंसलर्स के अनुसार, यदि समय रहते हस्तक्षेप न किया जाए, तो ये बच्चे गंभीर मानसिक विकारों से जूझ सकते हैं, जो आगे चलकर हिंसा या आत्महत्या के रूप में सामने आ सकते हैं।

मनोचिकित्सक की कमी से उपचार प्रभावित

नागरिक अस्पताल में करीब एक साल से कोई स्थायी मनोचिकित्सक तैनात नहीं है। वर्तमान में पूरा उपचार काउंसलर्स पर निर्भर है। गंभीर मानसिक विकारों से पीड़ित मरीजों को उपचार के लिए रोहतक पीजीआई या अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों में रेफर किया जाता है। यह कमी उन परिवारों पर भारी पड़ रही है, जो निजी इलाज का खर्च नहीं उठा सकते।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Gold Silver Price Today: सर्राफा बाजार में नरमी, सोना ₹2,360 और चांदी ₹9,050 तक टूटी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव...

Delhi Budget 2026: सीएम रेखा गुप्ता ने पेश किया ‘हरित बजट’, विकास और पर्यावरण में संतुलन पर जोर

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही मंगलवार...

Share Market: शेयर बाजार में तेजी का रंग, सेंसेक्स 1,516 अंक उछला, निफ्टी 22,899 पार

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को...

LPG Rate Today: एलपीजी सिलिंडर के आज के रेट, सप्लाई संकट के बीच क्या बढ़ेंगे दाम?

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: देशभर में घरेलू और कमर्शियल...

Delhi Bomb Threat: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष को बम धमकी, CM और केंद्रीय नेताओं के नाम भी शामिल

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता...
spot_imgspot_img