जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है—इस सच्चाई पर चाहे पाकिस्तान कितनी भी बहस करे या अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कितना भी प्रोपेगैंडा फैलाए, दुनिया अब इसे भली-भांति समझ चुकी है। इसी कड़ी में अमेरिका ने एक बार फिर पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। भारत-अमेरिका के बीच 500 अरब डॉलर के प्रस्तावित व्यापार समझौते की रूपरेखा तय होने के बाद अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) द्वारा जारी एक आधिकारिक नक्शे ने कश्मीर मुद्दे पर वॉशिंगटन का रुख साफ कर दिया है।
ट्रेड डील के बाद अमेरिका ने जारी किया भारत का नक्शा
दरअसल, भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर अंतरिम ढांचे को लेकर जारी एक पोस्ट और ग्राफिक में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने भारत का आधिकारिक नक्शा साझा किया, जिसमें जम्मू और कश्मीर को स्पष्ट रूप से भारत का हिस्सा दिखाया गया है। खास बात यह है कि इस नक्शे में पाकिस्तान द्वारा अवैध रूप से कब्जा किया गया क्षेत्र, यानी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) भी भारत के अभिन्न हिस्से के रूप में दर्शाया गया है।
यह ग्राफिक उस पोस्ट का हिस्सा था, जिसमें यह बताया गया कि ट्रेड डील के बाद अमेरिकी उत्पादों को भारतीय बाजार में नई पहुंच मिलने जा रही है।
पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा को बड़ा झटका
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय द्वारा साझा किए गए इस नक्शे को पाकिस्तान के कश्मीर प्रोपेगैंडा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय संस्थान इस तरह के नक्शों में विवादित सीमाओं को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतते हैं, लेकिन इस बार अमेरिका ने बिना किसी अस्पष्टता के भारत के राजनीतिक मानचित्र को स्वीकार किया है।
इस पोस्ट में जिन अमेरिकी उत्पादों का जिक्र किया गया, उनमें अमेरिकी मेवे, लाल ज्वार, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सूखे अनाज (डिस्टिल्ड ड्राइड ग्रेन्स) के साथ-साथ अमेरिकी शराब और स्पिरिट्स शामिल हैं। लेकिन इन व्यापारिक सूचनाओं से ज्यादा चर्चा भारत के नक्शे को लेकर हो रही है।
From tree nuts and dried distillers’ grains to red sorghum and fresh and processed fruit, the U.S.-India Agreement will provide new market access for American products. pic.twitter.com/mqpP10LJp1
— United States Trade Representative (@USTradeRep) February 6, 2026
वॉशिंगटन का स्पष्ट संदेश
राजनयिक हलकों में इस कदम को अमेरिका की स्पष्ट और ठोस नीति के रूप में देखा जा रहा है। यह संकेत देता है कि अमेरिकी नेतृत्व भारत के उस राजनीतिक मानचित्र से सहमत है, जो जमीनी सच्चाई और कानूनी स्थिति को दर्शाता है, न कि किसी निराधार या राजनीतिक रूप से प्रेरित दावों को।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम बताता है कि अमेरिका अब कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के दावों को कोई महत्व देने के मूड में नहीं है और भारत के साथ रणनीतिक, आर्थिक और राजनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता दे रहा है।
भारत-अमेरिका रिश्तों को मिला रणनीतिक बल
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत और अमेरिका के रिश्ते व्यापार, रक्षा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक रणनीति के स्तर पर लगातार मजबूत हो रहे हैं। ट्रेड डील के साथ-साथ कश्मीर पर यह स्पष्ट संदेश दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे और रणनीतिक तालमेल को भी दर्शाता है।
कुल मिलाकर, अमेरिका द्वारा जारी यह नक्शा न सिर्फ पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा पर करारा जवाब है, बल्कि यह भी दिखाता है कि वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति लगातार मजबूत हो रही है।

