Saturday, February 7, 2026
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Delhi News: दिल्ली में दर्दनाक हादसा, 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर युवक की मौत

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता का दर्दनाक आईना है। यह एक ऐसी व्यवस्था का सच है, जिसे न तो जुड़वा भाई के असमय बिछड़ने का दर्द समझ आता है, और न ही उन माता-पिता की पीड़ा, जिनके कंधों पर जवान बेटे का शव आ गया। जनकपुरी के खुले गड्ढे में पड़ी बाइक और युवक का निर्जीव शरीर यह सवाल उठा रहा है कि क्या अब लापरवाही हादसा नहीं, बल्कि स्वीकार्य व्यवस्था बन चुकी है? दिल्ली की सड़कों पर हुए इस गड्ढे में रात भर तड़पता कमल, लेकिन सिस्टम सोता रहा। सुबह मिली लाश के बाद जो मशीनरी हरकत में आई, वह शायद यह समझ नहीं पाई कि एक बिलखती मां की चीखें सिर्फ शोक नहीं, बल्कि उस सिस्टम के खिलाफ गंभीर आरोप हैं, जिससे यह सवाल पूछा जाना चाहिए—क्या तुम्हें भी कभी दर्द होता है?

सूचना, संसाधन, और लोकेशन के बावजूद मदद क्यों नहीं मिली?

कमल के बारे में सभी जानकारियां उपलब्ध थीं, सूचना थी, संसाधन थे, और मोबाइल की लोकेशन भी मिल चुकी थी। फिर भी एक युवक को तड़प-तड़पकर मरने दिया गया। जनकपुरी हादसे में 20 फीट गहरे गड्ढे में फंसे कमल को बचाने के बजाय सिस्टम ने हाथ खींच लिए। घटनास्थल से महज 800 मीटर दूर थाना था और 200 मीटर के दायरे में मोबाइल लोकेशन आई थी, इसके बावजूद दिल्ली पुलिस रातभर घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी। इस बीच, परिजन दो थानों के बीच भटकते रहे, लेकिन पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं किया। नतीजतन, एक युवक पूरी रात तड़पता रहा और सुबह उसकी लाश मिली।

कमल ने भाई को किया था आखिरी कॉल

कमल ने बृहस्पतिवार रात 11:53 बजे अपने भाई करण को फोन कर बताया कि वह जनकपुरी डिस्ट्रिक्ट सेंटर के पास पहुंच चुका है और कुछ ही मिनटों में घर पहुंच जाएगा। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। घंटी बजती रही, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। डर और चिंता से अभिभूत परिजन रात करीब 1:35 बजे अपने सबसे नजदीकी थाना विकासपुरी पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें कोई मदद नहीं मिली।

1:35 बजे पुलिस को सूचना देने के बाद भी टालमटोल

परिजनों ने पुलिस को बताया कि कमल का फोन बंद नहीं है, सिर्फ कॉल रिसीव नहीं हो रही है। इसके बावजूद पुलिस ने न तो तुरंत तलाश शुरू की, न ही आपराधिक आशंका को गंभीरता से लिया। विकासपुरी थाने ने यह कहकर मामला टाल दिया कि किसी दुर्घटना या एमएलसी की जानकारी नहीं है। न ही बाइक नंबर से कोई रिपोर्ट मिली थी। इसके बाद, परिजन जनकपुरी थाने पहुंचे, लेकिन वहां भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इस दौरान परिजन ने कई अन्य थानों में जाकर कमल की तलाश की।

आखिरकार, 2:50 बजे जनकपुरी थाने में तहरीर ली गई

सुबह 2:50 बजे जनकपुरी थाने ने कमल के गायब होने की तहरीर ली और मोबाइल सर्विलांस पर काम शुरू किया। लोकेशन पोजांगीपुर पार्क, जनकपुरी के पास आई, जो घटनास्थल से महज 200 मीटर दूर थी। इसके बावजूद पुलिस की टीम को थाने से कुछ सौ मीटर की दूरी पर खुले पड़े 20-20 फीट गहरे गड्ढों की ओर ध्यान नहीं गया। यही गड्ढा था, जहां कमल गंभीर हालत में तड़पता रहा।

सुरक्षा गार्ड की लापरवाही और पुलिस की चुप्पी

जिस गड्ढे में कमल गिरा, उसके पास एक सुरक्षा गार्ड तैनात था, लेकिन गार्ड का अब तक कुछ पता नहीं चल सका। यह सवाल अब उठता है कि बिना किसी सुरक्षा घेराबंदी के सड़क पर इतने बड़े गड्ढे कैसे छोड़े गए और पुलिस की नजर उन पर क्यों नहीं पड़ी। कुछ लोगों का कहना है कि पुलिस गार्ड को अपने साथ ले गई थी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

पुलिस की सूचना देने का अजीब तरीका

पुलिस की सूचना साझा करने की शैली भी सवालों के घेरे में है। शुक्रवार सुबह 8:03 बजे एक महिला ने पुलिस को फोन कर युवक के गड्ढे में पड़े होने की जानकारी दी, लेकिन पश्चिमी जिला पुलिस ने घटना की आधिकारिक जानकारी शाम 4:48 बजे दी। कमल के गायब होने की सूचना पुलिस को रात 1:35 बजे ही मिल चुकी थी।

जल बोर्ड के गड्ढे में गिरी बाइक, युवक की मौत

दिल्ली में जल बोर्ड द्वारा खोदे गए 20 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर युवक की मौत हो गई। कमल ध्यानी (25), जो उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल का निवासी था, बृहस्पतिवार रात जनकपुरी वी-ब्लॉक में गड्ढे में गिरा और मदद न मिलने पर तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। पुलिस ने जनकपुरी थाने में जल बोर्ड के ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। इसके बाद दिल्ली सरकार ने जांच समिति बनाते हुए जल बोर्ड के कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित कर दिया है।

कमल की मौत, एक सवाल और दर्द

कमल के भाई करण ने बताया कि रात 11:53 बजे कमल ने फोन किया था कि वह घर पहुंचने वाला है, लेकिन इसके बाद उसका फोन नहीं उठा। परिवार ने रातभर उसे तलाशा, लेकिन सुबह उसकी मौत की खबर मिली। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि शुक्रवार सुबह 8:03 बजे पुलिस ने दमकलकर्मियों की मदद से कमल को गड्ढे से निकाला, लेकिन अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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