Sunday, February 8, 2026
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अखिलेश यादव तक पहुंचा सपा के दावेदारों का आवेदन

  • सपा मुखिया को सूरमाओं पर सोच-समझकर ही लगाना होगा दांव
  • देवबंद से कार्तिक राणा, नकुड़ से साहिल खान और
  • देहात सीट से फरहाद गाड़ा जैसे युवाओं ने की दावेदारी

मुख्य संवाददाता |

सहारनपुर: सत्तानशीं भारतीय जनता पार्टी की धुर विरोधी सपा भावी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अपना कील-कांटा ठीक करने में जुटी है। चुनाव संग्राम में किन सूरमाओं पर दांव लगाना मुफीद होगा, इसको लेकर सपा मुखिया अखिलेश यादव राजधानी लखनऊ में लगातार मंथन कर रहे हैं। इसी के साथ हर सीट से टिकट के दावेदारों के आवेदन भी मांगे जा चुके हैं।

26 जनवरी आवेदन की अंतिम तिथि है। इस बीच सहारनपुर की एक टीम पूर्व मंत्री और सदर से सपा विधायक संजय गर्ग के नेतृत्व में अखिलेश यादव से मिल चुकी है। हालांकि, इसी टीम में सपा जिलाध्यक्ष चौधरी रुद्रसेन नहीं थे। फिलहाल, सपा के सूरमा बाहें चढ़ाने लग गए हैं।

यह बताने की जरूरत नहीं कि अगला विस चुनाव 2022 में होना है। ऐसे में लगभग सभी दल पूर्वाभ्यास में जुट गए हैं। पिछले 2017 के विधान सभा चुनावों में बुरी तरह पराजय का सामना कर चुकी समाजवादी पार्टी भावी विस चुनाव को लेकर बहुत संंजीदा है। दरअसल, सपा की मंशा सत्ता विरोधी लहरों पर तैरने की है। हालांकि, इस बार ओवैसी की पार्टी और आम आदमी पार्टी की यूपी में दस्तक से सपा की राहें और ज्यादा कठिन होने वाली हैं। लेकिन, हर कोण से मजबूती के लिए सपा मुखिया अपनी पार्टी के पहरुओं पर भरोसा कर रहे हैं।

फिलवक्त, चुनाव संग्राम में किन सूरमाओं को उतारना फायदेमंद होगा, इस पर मंथन जारी है। इसी गरज से हर सीट पर आवेदन मांगे गए हैं। सहारनपुर की बात करें तो पिछले दिनों पूर्व मंत्री और सपा के सदर विधायक संजय गर्ग की अगुवाई में पार्टी के कई कद्दावर नेता राजधानी लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिले।

मिलने वालों में संजय के अलावा पूर्व एमएलसी उमर अली खान, पूर्व विधायक माविया अली, मांगेराम कश्यप, शमशाद मलिक, कैराना विधायक नाहिद हसन, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष फरहाद गाड़ा समेत कुछ और नेता शामिल थे। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान अखिलेश यादव ने सहारनपुर में सपा की स्थिति के बारे में जानकारी की। उन्हें बताया गया कि पहली दफा ऐसा है कि सहारनपुर में सपा में गुटबाजी नहीं है।

हालांकि, अखिलेश से मिलने वालों में जिलाध्यक्ष चौधरी रुद्रसेन शामिल नहीं थे। फिलहाल, पुख्ता जानकारी ये है कि हर सीट से दावेदारी कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, देवबंद से पूर्व मंत्री स्वर्गीय राजेंद्र राणा के बेटे कार्तिक राणा और पूर्व विधायक माविया अली ने टिकट के लिए आवेदन किया है। इसी तरह से देहात सीट से फरहाद गाड़ा, बेहट से उमर अली, नकुड़ से पूर्व जिलाध्यक्ष जगपालदास और साहिल खान, गंगोह से तवस्सुम हसन का आवेदन पहुंच चुका है।

सदर सीट पर संजय गर्ग का कोई विकल्प ही नहीं है। अब सपा किस पर दांव लगाएगी, यह तो वक्त बताएगा किंतु पार्टी के भीतर खदबदाहट बढ़ गई है। सियासी पंडितों का कहना है कि सपा मुखिया युवाओं को खासी तरजीह दे रहे हैं, ऐसे मे सपा में एक नई टीम परिलक्षित होती नजर आ रही है। वैसे भी सहारनपुर में सपा का कभी कोई मजबूत गढ़ नहीं बन पाया।

किसी समय कद्दावर नेता कहे जाने वाले स्वर्गीय काजी रशीद मसूद के रहते हुए भी सहारनपुर में एक या दो ही सीट पर सपा काबिज रही है। कभी देवंबद तो कभी मुजफ्फराबाद (अब बेहट) और कभी गंगोह सीट सपा के खाते में रही। फिलहाल, केवल सदर सीट सपा के पास है। ऐसे में अखिलेश यादव को बहुत सोच-समझकर दांव लगाना होगा। हालांकि, चुनाव में अभी काफी समय है।

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