जनवाणी संवाददाता |
मेरठ। कोरोना काल में स्कूली किताबों की बिक्री न होने से पुस्तक विक्रेता एक साल से परेशान है। ऐसी समस्याओं को जानने के लिए बुकमैन ऑफ इंडिया ने बुधवार को पुस्तक विक्रेताओं से विचार किया। पूरे देश मे लोगो से बात करके मानव संसाधन मन्त्रालय से बात की जाएगी।
बुकमैन ऑफ इंडिया के अनुज सिंह ने कहा कि ऑनलाइन एजुकेशन ने बच्चो को नुकसान पहुंचाया है। 60 प्रतिशत किताबें दुकानों को वापस हुई है। पुस्तक उद्योग को 30 करोड़ का नुकसान हुआ है। बच्चों ने गंभीरता से पढ़ाई नही की। वही पुस्तक विक्रेताओं के गोदाम भरे रहे।
मेरठ में 45 विक्रेता स्कूलों को आपूर्ति कर रहे है। स्कूल कब शुरू होंगे इसको लेकर संशय है। स्कूलों ने अगले सत्र की तैयारी नही की है। अप्रैल में किताबें कहां से आएगी। प्रकाशकों को भी कुछ नही पता है। सत्र अगर अचानक शुरू हुआ तो मुसीबत आ जायेगी। नई शिक्षा नीति को लेकर भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
सरकार अचानक लागू करे तब क्या होगा। सरकार किससे बात करे। विभिन्न बोर्ड्स से मिलकर तमाम मुद्दों पर बात करेंगे। कई राज्यो में दौरा कर रहे है। इस मौके पर मेरठ बुकसेलर एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष धस्माना, महामंत्री संजय अग्रवाल, दिव्यांश जैन, राजीव शर्मा मौजूद थे।

