Home Uttar Pradesh News Muzaffarnagar दिल्ली विश्वविद्यालय के 97वें दीक्षांत समारोह में गीता को मिली पीएचडी की डिग्री

दिल्ली विश्वविद्यालय के 97वें दीक्षांत समारोह में गीता को मिली पीएचडी की डिग्री

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दिल्ली विश्वविद्यालय के 97वें दीक्षांत समारोह में गीता को मिली पीएचडी की डिग्री
दिल्ली विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में गीता रानी को पीएचडी की उपाधि प्रदान करते कार्यवाहक कुलपति पीसी जोशी।

जनवाणी संवाददाता |

मुजफ्फरनगर: दिल्ली विश्वविद्यालय के मल्टीपरपज हाल, दिल्ली यूनिवर्सिटी स्पोर्ट स्टेडियम कॉम्प्लेक्स, नॉर्थ कैंपस में आयोजित 97वें दीक्षांत समारोह में गीता रानी को उनके शोध ‘हिंदी दलित कहानियों का समाज शास्त्रीय अध्ययन’ पर शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की उपस्थिति में दिल्ली विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति पीसी जोशी द्वारा पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई।

गीता रानी वहलना निवासी साहित्यकार डा. अमित धर्मसिंह की पत्नी है। गत वर्ष अमित धर्मसिंह अपने गांव के प्रथम पीएचडी हुए थे। अब उनकी पत्नी गीता रानी वहलना गांव की पहली ऐसी वधू बन गई है जिसने हिंदी साहित्य में न सिर्फ मास्टर डिग्री लेकर जेआरएफ क्लियर किया, बल्कि अपने शोध पर पीएचडी की डिग्री भी हासिल की। संयोग से दीक्षांत समारोह रविदास जयंती के दिन आयोजित हुआ।

रविदास जयंती के दिन संबंधित समाज की वधू को पीएचडी की उपाधि मिलना संबंधित समाज के लिए प्रेरणा और गौरव का विषय है। गीता रानी वर्तमान में पीजीटी टीचर हैं, जो दिल्ली के गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सेवारत हैं। विविध विषयों पर गीता रानी के अनेक शोधपत्र विविध पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।

हिंदी दलित कहानियों पर इनका वृहत और गंभीर शोध न सिर्फ संबंधित समाज का समाज शास्त्रीय अध्ययन प्रस्तुत करता है अपितु ‘साहित्य के समाजशास्त्र’ को समझने में भी सहायक सिद्ध होता है। इनका शोध, शोध-अध्येताओं, साहित्यकारों, विद्यार्थियों और पाठकों के लिए बहुउपयोगी है। गीता ने बताया कि उसका शोध पूर्ण होने में उनकी शोध निर्देशिका डा. रजत रानी मीनू, सह निर्देशक, श्योराज सिंह बेचैन, प्रो. रामचंद्र, पति डा. अमित धर्मसिंह का महती योगदान रहा। गीता ने अपना शोध अपने माता पिता, मैना देवी व कृष्ण कुमार तथा सास ससुर, कुसुम देवी व धर्मसिंह को समर्पित किया है।