- धूमधाम से मनाया गया 644वां जन्मोत्सव, शहर के कई मौहल्लों में हुए कार्यक्रम आयोजित
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: रैदास पंथ धर्म के पथप्रदर्शक और महान संत रविदास की 644वीं जयंती शनिवार को जिलेभर में धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर जनपद में अलग-अलग आयोजन हुए। गांव देहात से शहर तक इन आयोजनों को लेकर पुलिस प्रशासन अलर्ट रहा।
कई स्थानों पर गोष्ठियों में संत रविदास का गुणगान किया गया तो वहीं शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिनमें बैंड और झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। कोरोना काल के बाद इस शोभायात्रा को लेकर रविदासी समाज के लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला। शहर के मौहल्लों से छोटे-छोटे समूह में ढोल नगाडों और बैंड बाजों के साथ लोग टाउनहाल में एकत्र हुए और यहां से भव्य शोभायात्रा का शुभारम्भ हुआ।

शनिवार को जनपद में संत रविदास की जयंती के अवसर पर अनेक आयोजन हुए। विभिन्न संगठनों ने जहां विचार गोष्ठियां आयोजित करते हुए संत रविदास द्वारा समाज सुधार की दिशा में किए गए कार्यों का उल्लेख किया, वहीं उनके अनुयायियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

कचहरी में जिला बार संघ की ओर से भी संत रविदास जयंती मनाई गई। यहां पर बार अध्यक्ष कलीराम और महासचिव अरूण कुमार के साथ अन्य अधिवक्ताओं ने संत रविदास जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा शहर के मौहल्ला आर्यपुरी, गाजावाली और आबकारी किला मौहल्ला स्थित रविदास मंदिरों में और कई अन्य बस्तियों में भी संत रविदास जयंती मनाई गई।
पूजा अर्चना के बाद रैदासपुरी, आर्यपुरी, आबकारी आदि क्षेत्रों में रविदास मंदिरों से शोभायात्राएं निकाली गईं, जो अलग अलग टुकड़ों में टाउनहाल पहुंची। यहां से दोपहर बाद भव्य शोभायात्रा का शुभारम्भ हुआ। यह शोभायात्रा पूरे नगर में निकाली गई। इस शोभायात्रा का आयोजन संत रविदास जन्मोत्सव एवं जनसेवा समिति ने किया। यहां पर वक्ताओं ने संत शिरोमणी रविदास के जीवन दर्शन पर अपने विचार व्यक्त किये।
उन्होंने कहा कि संत रविदास के आदर्श से ही समाज का उत्थान हो सकता है। आज सामाजिक सौहार्द्र और देश के विकास के लिए सभी को अपना मन चंगा करने की आवश्यकता है। इसके लिए सर्वसमाज को मिलकर कार्य करने का आह्वान किया गया।

शहर में निकाली गई संत रविदास शोभायात्रा में झांकियां और बैंड बाजे आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। इस आयोजन में जन्मोत्सव समिति के पदाधिकारी पूर्व सभासद राजकुमार सिद्धार्थ, रामनिवास पाल, सतीश कुमार, कर्णसिंह पेंटर, सोहनलाल, सूरज मल, राजेंद्र, शंकर, रोशनलाल, राजीव कुमार, कुलदीप, सोमदत्त, सुरेंद्र, महीपाल, इलम चंद, राजपाल, रोहताश जानिया आदि का योगदान रहा। शोभायात्रा शहर में टाउनहाल से प्रारम्भ होकर विभिन्न मार्गों से निकाली गयी। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस फोर्स और पेरा मिलिट्री फोर्स के जवान भी शोभायात्रा के आगे पीछे साथ चलते रहे।