- डैबलगढ़ में अक्टूबर तक पूर्ण हो जाएगा पीपे के पुल का निर्माण
- दस महिलाओं की गंगा में डूबने से हो गई थी मौत
- सदर विधायक के प्रयास से पूर्ण हुई वर्षाें पुरानी पुल निर्माण की मांग
जनवाणी ब्यूरो |
मंडावर/ बिजनौर: डैबलगढ़ में अब पीपे के पुल से किसानों का गन्ना और अन्य फसल आएगी। अब नाव पलटने का खतरा भी नहीं रहेगा। अक्टूबर माह तक इस पुल का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। उधर सदर विधायक सुचि चौधरी के इस प्रयास से इस पुल का निर्माण शीघ्र ही पूरा हो जाएगा।
गत दो वर्ष पहले गंगा पार से नाव में 18 लोग सवार होकर आ रहे थे। यह नाव बीच गंगा में पलट गई। इस दौरान दस महिलाओं की डूबने से मौत हो गई थी। अधिकांश महिलाएं डैबलगढ़ निवासी थी। इनमें से कई महिलाओं के शव भी नहीं मिले थे। तभी से यहां गंगा पर पुल बनाने की मांग ने जोर पकड़ लिया था।
बिजनौर सदर विधायक सुचि मौसम चौधरी ने गंगा पर पुल बनाने का संकल्प लिया था। बिजनौर सदर विधायक सुचि मौसम चौधरी ने बताया कि डैबलगढ़ में पीपे के पुल का निर्माण अक्टूबर माह तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए करीब तीन करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है।

प्रयागराज से करीब 65 पीपे निर्माण संस्था को भेज दिए गए हैं। ग्रामीणों की माने तो यहां कई सरकारें आई और चली गई, लेकिन किसी ने भी गंगा खादर क्षेत्र के लोगों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया। अब जाकर किसान और मजदूरों की मांग पूरी हुई। इससे अब गंगा में होने वाली जान माल का नुकसान ग्रामीणों को नहीं झेलना पड़ेगा।
गंगा खादर के इन गांव को मिलेगा लाभ
गंगा जी पर अस्थाई पुल बनने से करीब दो दर्जन गांवों के लोगों को लाभ मिलेगा। इनमें खासकर गांव डैबलगढ़, राजारामपुर, रघुनाथपुर, चाहड़वाला, काजीवाला, बादशाहपुर, सीमली, मीरापुर, कोहरपुर, मिर्जापुर, ब्रहमपुरी आदि गांव के ग्रामीण गंगा पार कर खेती कर सकेंगे।
अब नाव से भी गंगा पार करने को मुक्ति मिल जाएगी
पीडब्लूडी के अधिशासी अभियंता सुनील सागर ने बताया कि पीपे की सप्लाई हो चुकी। अब शीघ्र ही पुल का निर्माण शुरू हो जाएगी। शासन के निर्देश पर शीघ्र ही पुल का निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।

