Friday, February 13, 2026
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कागजी दावा नहीं, हकीकत में हो भर्ती

सीएम योगी के फैसले पर छात्रों ने जताया हर्ष

बड़ा सवाल: धरातल पर हों फैसले, सरकार ने नौकरी देने का किया था ऐलान

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शिक्षित होने के बाद भी रोजगार ना मिल पाना युवाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है। युवा नौकरी की चाह में विभिन्न प्रकार की डिग्री प्राप्त करने के लिए कठिन परीश्रम करते हैं, जिससे उन्हें रोजगार मिल जाए। उसके बावजूद उन्हें वर्तमान समय में रोजगार उपलब्ध नहीं हो पाता।

इससे एक तरफ जहां युवा तनाव में रहते हैं। वहीं, उनके परिवार की भी आशाएं टूट जाती हैं। यहीं नहीं सबसे ज्यादा दिक्कत जब होती है। जब सरकार द्वारा युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न परीक्षाएं आयोजित की जाए।

युवा रोजगार की चाहत में प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बढ़-चढ़कर युवा भाग लेते हैं, लेकिन परीक्षा परिणाम या तो समय पर नहीं आता और अगर परीक्षा का परिणाम समय पर आ जाए तो नियुक्ति नहीं हो पाती। इस बात से युवाओं में रोष देखने को मिलता है। जिसका उदाहरण वर्तमान में देखने को मिल रहा है।

युवाओं ने रोजागार के लिए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिसका फायदा उठाते हुए विपक्ष ने भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर बेरोजगार दिवस मनाकर ट्विटर पर ट्रेड कराया था। युवाओं के विरोध के स्वर को देखते हुए उत्तर सरकार ने छह माह में तीन लाख लोगों को नौकरी देने का ऐलान किया है।

जिसकी प्रक्रिया अगले तीन माह में शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को टीम-11 की बैठक में कहा क जल्द ही सभी आयोगों और भर्ती बोर्डों के प्रमुखों से भी बैठक करके खाली पदों का विवरण लें और जिस प्रकार यूपी लोकसेवा आयोग एवं अन्य सरकारी भर्तियां हुई हैं।

उसी पारदर्शी व निष्पक्ष तरीके से तेजी से आगे सभी भर्तियां कराई जाएं। सरकार के इस निर्णय पर युवाओं ने जनवाणी टीम से बात करते हुए खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से उम्मीद की किरण जगी है कि अब रोजगार मिल पाएगा, लेकिन उन्होंने आशंकाएं भी जाहिर करते हुए कहा कि कही फिर से भर्ती प्रक्रिया आयोग के चक्कर में अटकी न रह जाएं।

युवाओं के दिल की बात

दीपक गुप्ता ने कहा कि मुंख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन साल बाद युवाओं की समस्या को समझने में क्यों लगाया। जबकि भर्ती प्रक्रिया की नियमावली कैसे होती है उन्हें सभी जानकारी है। उन्होंने कहा कि नई भर्ती खोलने से पूर्व पहली जो भर्तियां रुकी हुए हैं, उन्हें आप समय रहते निष्पक्ष ढंग से पूरा किया जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि तीन माह में भर्ती प्रक्रिया होना वह छह माह में नौकरी मिलन हम युवाओं के लिए सिर्फ एक सपने जैसा है।

अभिषेक संघी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भर्ती प्रक्रिया को तीन माह में भर्ती और छह माह में नियुक्ति पत्र वाले फैसले से सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए बहुत लाभदायक होगा। क्योंकि पहले की तरह न तो वो परीक्षा का इंतजार करेंगे जो उन्हें सालो साल करना पड़ता था और न ही नियुक्तियां होने में देर लगेगी। युवाओ के लिए ये फैसला पूर्णतया हितकारी साबित होगा और उनको जल्द से जल्द नौकरियां मिलेगी। ये सरकार का ऐतिहासिक फैसला है।और इस फैसले से छात्र खुश बहुत खुश है।

शोध छात्र आकाश कुमार ने कहा कि योगी सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है। युवाओं के लिए राहत भरी खबर है, लेकिन सरकारों की करनी और कथनी में काफी फर्क होता है। दो वर्ष पहले हुई परीक्षाओं के परिणाम अभी रुके हुए हैं। बेसिक शिक्षा अध्यापक और यूपी पुलिस भर्ती अधर में लटकी हुई है। हाल ही में घोषित यूपी दारोगा की भर्ती को छह माह में संपन्न करने वाली सरकार अभी तक कंपनी का टेंडर आमंत्रित करने में जुटी हुई है। संभावना है कि आगे छह माह में सभी भर्ती पूरी होंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री का यह फैसला धरातल पर उतरता है। तो वाकई उत्तर प्रदेश एक उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर होगा।

शान मोहम्मद ने कहा कि छह माह में कोई भर्ती पूरी तभी हो सकती हैं। जब वह निष्पक्ष व पारदर्शी हो अन्यथा घोटालों में भर्ती प्रक्रिया फंसने के बाद हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले तक छात्रों की उम्र तक निकल जाती हैं और ये भी भूल जाते हैं कोई सरकारी फार्म भरा था या नहीं अगर भर्ती छह माह में पूरी होती हैं तो ये उत्तर प्रदेश के अंदर ऐतिहासिक फैसला होगा।

हिमांशु भटनागर ने कहा कि छह माह में नियुक्ति पत्र देने का फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बहुत ही सराहनीय फैसला है। इस निर्णय से युवा काफी खुश है इससे उम्मीद है कि आगे जल्द से जल्द नई भर्तियां प्रदेश में आएगी। सरकार के इस फैसले से जो युवा मायूस हो जाते थे। वह सभी युवा अब अपने कौशल का परिचय देते हुए भर्ती में भाग लेंगे।

सावन कनौजिया ने कहा कि योगी सरकार का यह फैसला युवाओं के हित में है। जो युवा उच्च शिक्षा प्राप्त किए हुए हैं, उनके लिए नये अवसरों के द्वारा खुलेंगे। रिक्त पद भरने की वजह से जो सरकार का विरोध हो रहा है, काफी हद तक ये भी कम होगा। कुल मिलाकर सभी विभागों में नई उर्जा से ओतप्रोत युवा जब कामकाज संभालेंगे तो सरकारी कामों पर तेजी भी आएगी।

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