- एडीजी ने फाइलों और रजिस्टर देख जतायी नाराजगी, दिए दिशा-निर्देश
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: अपर पुलिस महानिदेशक राजीव सभरवाल ने मंगलवार सुबह पुलिस लाइन और एसएसपी आफिस का निरीक्षण किया। उन्होंने फाइलों को देखा और रजिस्टर देखकर कई बार नाराजगी भी जाहिर की। एडीजी जैसे ही एसएसपी आफिस पहुंचे हड़कंप मच गया। सभी विभाग अलर्ट हो गए। एडीजी ने सभी अधिकारियों को बुलाकर एसएसपी रूम में बैठक ली और अपराध समीक्षा के बारे में पूछा।

उन्होंने लंबित मामलों पर नाराजगी जाहिर की और कहा कि इस बात पर ध्यान दिया जाए कि चार्जशीट मजबूत बनाई जाए ताकि अपराधी को सजा मिल सके। उन्होंने तमाम रजिस्टरों को मंगवा कर देखा और एसएसपी की बड़ी पेशी के कामकाज को लेकर दिशा निर्देश भी दिये। इससे पहले पुलिस लाइन में एडीजी ने परेड में पुलिस कर्मियों की वर्दी चेक की। एक सप्ताह से तैयारी चल रही थी। सुबह एडीजी के आते ही व्यवस्था चाक चौबंद मिली और सभी पुलिसकर्मियों की वर्दी सही मिली। पुलिस कर्मियों के लिए बनी मैस को देखा।
एडीजी पुलिस लाइन में चलने वाले ट्रेनिग सेंटर में पहुंचे। बाद में पुलिस लाइन के मालखाने को भी चेक किया। आरआई से हथियारों के रखरखाव पर भी बात की गई। फिर एडीजी पुलिस कर्मियों की आवासीय कॉलोनी में पहुंचे। कुछ आवासों के हालात सुधारने के लिए भी एडीजी ने कप्तान को निर्देश दिए।
पुलिस लाइन सभागार में एडीजी ने सभी के साथ मिलकर मीटिंग की, जिसमें पुलिस लाइन में सुधार को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए। इस मौके पर आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी प्रभाकर चौधरी, एसपी सिटी विनीत भटनागर, एसपी क्राइम अनित कुमार, एसपी देहात केशव कुमार, एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
आईजी आरएएफ ने दंगा नियंत्रण केंद्र का किया निरीक्षण
आईजी आरएएफ विवेक वैद ने जवानों के कल्याण एवं आवश्यक उपयोगी वस्तुओं की उपलब्धता के लिए बनाई गई नई सहायक कैंटीन का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम के दौरान आईजी ने कहा कि शुद्ध खाना हर जवान की पहली प्राथमिकता है। देशभर में मेरठ की पहचान 1857 की क्रांति के उदगम स्थल के रूप में होती है, लेकिन यहां का खानपान, पानी व संस्कृति सामान्य तौर पर पूरे देश में अपनी पहचान स्थापित कर चुकी है।
गंगा यमुना के दोआब क्षेत्र अपनी पहचान रखता है। कार्यक्रम में रैपो मेरठ के डीआईजी अखिलेश सिंह ने अलग-अलग प्रकार के प्रशिक्षणों के संबंध में आईजी विवेक वैद को जानकारी से अवगत कराया। दंगा नियंत्रण संस्थान मेरठ के आरएएफ के अधिकारियों ने आईजी को भविष्य में संयुक्त राष्ट्र संघ मिशन पर जाने वाले अधिकारियों के लिए चलाए जाने वाले प्रशिक्षण के बारे में भी अवगत कराया गया।
आईजी ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण को देश की वर्तमान परिस्थितियों एवं अंतरराष्ट्रीय मिशनों को ध्यान में रखते हुए अत्यंत उपयोगी बताया। आईजी ने कहा कि आरएएफ ने देश व विदेशों तक अपनी पहचान स्थापित की है। भीड़ नियंत्रण में सबसे पहले आरएएफ को बुलाया जाता है।
हमारा उद्देश्य किसी की जान लेना नहीं, बल्कि भीड़ को कंट्रोल करना है। कार्यक्रम में कामंडेंट बी. जयकृष्णन, उप कमांडेंट सदा राम सिंह, उप कमांडेंट हरीश चंद्र सिंह नेगी, उप कमांडेंट नीरज झा, सहायक कमांडेंट प्रमोद सिंह, सहायक कमांडेंट गोविंद सिंह नेगी और सहायक कमांडेंट अजीत कुमार व अन्य मौजूद रहे।

