Friday, March 20, 2026
- Advertisement -

आदित्य श्रीवास्तव को ‘सत्या’ से मिली पहचान

छोटे पर्दे के सबसे ज्यादा पॉपुलर क्राइम शो ‘सीआईडी’ में सीनियर इंस्पेक्टर अभिजीत के किरदार में अपनी पहचान बना चुके एक्टर आदित्य श्रीवास्तव का जन्म 21 जुलाई, 1968 को प्रयागराज में हुआ था। आदित्य श्रीवास्तव के पिताजी बैंक में मैनेजर थे। उनका ट्रांसफर होता रहता था। इस वजह से आदित्य की स्कूलिंग भी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में हुई है। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से उन्होंने ग्रेजुएशन किया । पढ़ाई के दौरान ही आदित्य का रुझान एक्टिंग की तरफ हो गया। आदित्य फर्स्ट ईयर का पेपर दे रहे थे, उसी दौरान उन्हें भारतेंदु हरिश्चंद के नाटक ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ में काम करने का अवसर मिला। उसके बाद दो-तीन साल उन्होंने जमकर थिएटर किया। 1989 में आदित्य श्रीवास्तव इलाहाबाद से दिल्ली चले गए। वहां श्रीराम सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स में उन्होंने लगभग 5 साल थिएटर किया। उस समय तिग्मांशु धूलिया शेखर कपूर की फिल्म ‘बैंडिट क्वीन’ के लिए कास्टिंग कर रहे थे। आदित्य को उस फिल्म में फूलन देवी के पति पुत्तीलाल का किरदार मिल गया।

शुरुआती दौर में आदित्य का मन फिल्मों में नहीं, थिएटर में ही लगता था। शायद इसी वजह से दिल्ली से मुंबई आने में उन्हें 5 साल का लंबा वक्त लग गया। उनके थिएटर के अधिकतर दोस्त पहले ही मुंबई आ चुके थे। मुंबई आने के बाद आदित्य पर जब फिल्म मेकर रामगोपाल वर्मा की नजर पड़ी। तब रामू ने उन्हें फिल्म ‘सत्या’ (1997) के इंस्पेक्टर खांडिलकर के रोल के लिए साइन कर लिया। सही अर्थों में इस किरदार से ही आदित्य को पहचान मिली।

आदित्य श्रीवास्तव फिल्म ‘ब्लैक फ्राइडे’ 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट पर बनी थी। आदित्य ने फिल्म में बादशाह खान का रोल निभाया था। इसके अलावा भी वे ‘भक्षक’, ‘कालो’ और ‘सुपर-30’ जैसी फेमस फिल्मों में भी नजर आ चुके हैं। फिल्म ‘दिल पर मत ले यार’ (2000) में आदित्य का सपोर्टिंग रोल था। सीआईडी के प्रोड्यूसर बीपी सिंह को ‘सत्या’ (1997) में इंस्पेक्टर खांडिलकर का रोल इतना पसंद आया कि उन्होंने आदित्य को अपने शो में सीनियर इंस्पेक्टर अभिजीत का किरदार सौंप दिया। इस किरदार के जरिए आदित्य श्रीवास्तव ने 21 साल से ज्यादा समय तक दर्शकों का मनोरंजन किया। आदित्य श्रीवास्तव सीआईडी के दूसरे सीजन में भी इस किरदार के साथ लौट आए हैं।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

चंदन, वंदन और जोरदार अभिनंदन

लोकतंत्र भी हिन्दी फिल्मों की तरह है। हिन्दी फिल्में...

एलपीजी पर पैनिक होने की जरूरत नहीं

विरोध के नाम विरोध या सत्ता के लालच में...

युद्ध की बदलती तकनीक

विश्व के सैकड़ों देशों के पास अपनी भूमि की...

LPG: ‘अपने सिलिंडर की डिलीवरी पर भरोसा रखें, अफवाहों पर नहीं’- पेट्रोलियम मंत्रालय

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव...
spot_imgspot_img