- कोतवाल प्रेमवीर राणा के निलंबन की मांग उठाई
- पुलिस अधीक्षक ने सीओ कैराना को सौंपी जांच
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: एंटी रोमियो की इंचार्ज महिला दरोगा द्वारा कोतवाली प्रभारी पर उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद पुलिस अधीक्षक ने जहां कोतवाल की जांच सीओ कैराना को सौंप दी है, वहीं बार एसोसिएशन के अधिवक्ता महिला दरोगा के समर्थन में उतर आए हैं। अधिवक्ताओं ने कोतवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की मांग को लेकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।
बुधवार को कैराना बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष खड़क सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ता तहसील मुख्यालय पर पहुंचे। जहां पर अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की तथा कैराना कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर राणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की। बाद में अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम उद्भव त्रिपाठी को सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया हैं कि वर्तमान समय में कैराना थानाध्यक्ष प्रेमवीर राणा द्वारा एक महिला सब इंस्पेक्टर अंजू के साथ उत्पीड़न करने का मामला प्रकाश में आया हैं। जिसमें थानाध्यक्ष प्रेमवीर राणा थाने पर तैनात एक महिला दरोगा के साथ अक्सर अभद्र व्यवहार करते हैं। गाली गलोज करते हैं।
जिसमें महिला दरोगा द्वारा उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया हैं। लेकिन बावजूद इसके महिला दरोगा की कोई सुनवाई नहीं की गई। जिससे थानाध्यक्ष इतना अभद्र व्यवहार कर रहें हैं। वह महिला दरोगा कैराना नगर में एंटी रोमियो स्क्वायड टीम की इंचार्ज हैं।
अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि थाना अध्यक्ष द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए महिला दरोगा का अपमान किया गया हैं। जो अपने अधीनस्थ अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार करता हैं। ऐसा अधिकारी अपने क्षेत्र में क्या शांति व्यवस्था बनाने में सक्षम हैं। जो व्यक्ति महिलाओं का सम्मान नहीं कर सकता।
ऐसे व्यक्ति को ऐसे पद पर बने रहने का अधिकार नही हैं। अधिवक्ताओं ने कोतवाली प्रभारी प्रेमवीर राणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की मांग की। इस दौरान अधिवक्ता शालिनी कौशिक, राशिद अली चौहान, नीरज चौहान, आदित्य कुमार, प्रवीन कुमार, मोहम्मद इंतजार, प्रमोद चौहान, चौधरी वसीम, अनुज रावल, जितेंद्र कुमार व अंबर गर्ग आदि अधिवक्ता मौजूद रहे। दूसरी ओर, पुलिस अधीक्षक नित्यानंद राय ने प्रकरण की जांच सीओ कैराना को सौंप दी है।

