- जो आज के दौर में सबसे अधिक डिमांडिंग और यूनिक भी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: आमतौर पर देखा और सुना जाता है कि जैसे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान का नाम सुनने को मिलता है, तो तकनीकी शिक्षा से संबंधित कोर्स ही जेहन में आते हैं, लेकिन अगर कोई ये कहे कि अब आईटीआई में भी कृषि विशेषज्ञ तैयार होंगे, तो सुनने में थोड़ा अजीब जरूर लग सकता है, लेकिन यह सच होने जा रहा है. जी हां अब साकेत स्थित आईटीआई की ओर से 4 ऐसे ही कोर्स शुरू करने जा रहा है, जो कि आज के दौर में सबसे अधिक डिमांडिंग और यूनिक भी है।
जिले के आईटीआई में 4 नए कोर्स शुरू होने जा रहे हैं। यह दावा किया जा रहा है कि आधुनिक समय की मांग को देखते हुए इनको खास तौर पर डिजाइन किया गया है, जिनका प्रशिक्षण अब आईटीआई में मिलेगा। यानी अब आधुनिक खेती किसानी को लेकर यहां स्मार्ट एग्रीकल्चर कोर्स की शुरूआत के अलावा तीन नए कोर्स जिनमें मैक्ट्रॉनिक्स, स्मार्ट सिटी और ड्रोन से सम्बंधित कोर्स संचालित होने जा रहे है आईटीआई के प्रधानाचार्य पीपी अत्रीमेरठ आईटीआई के जिम्मेदारों की मानें तो उनका कहना है कि, जो नए चार कोर्स डिजाइन किए गये हैं, ये चारों कोर्स पहली बार किसी आईटीआई में संचालित किए जा रहे हैं।
इन कोर्सेज को वर्तमान समय की मांग वो मानते हैं। इस बारे में आईटीआई के प्रधानाचार्य पीपी अत्री का कहना है कि आधुनिक दौर में खेती भी तकनीकी आधारित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इसीलिए स्मार्ट एग्रीकल्चर कोर्स की शुरूआत होने जा रही है। उन्होंने बताया कि खेती को स्मार्ट तरीके से करने के गुर यहां सिखाए जाएंगे। यानी आधुनिक समय में स्मार्ट कृषि विशेषज्ञ अब आईटीआई में ट्रेनिंग के बाद तैयार होंगे। कृषि से सम्बंधित पढ़ाई या कोर्स अब तक कृषि विश्वविद्यालयों या फिर कृषि की पढ़ाई कराने वाले महाविश्वविद्यालयों में ही कि जाती थी, लेकिन अब स्मार्ट एग्रीकल्चर नाम से नया कोर्स आईटीआई में शुरू होने वाला है।
आईटीआई के प्रधानाचार्य ने बताया कि ड्रोन आज के समय में महत्वपूर्ण स्थान ले चुका है। वे कहते है कि ड्रोन के संचालन एवं रख-रखाव से सम्बंधित तकनीकी ज्ञान अब यहां छात्रों को मिल पाएगा। अब तक ड्रोन बाहर से आते थे और असेम्बलिंग उनकी की जाती थी, लेकिन मेरठ में ये कोर्स भी आईटीआई में संचालित होने जा रहा है। तीसरा कोर्स जो यहां शुरू होने जा रहा है वो है स्मार्ट सिटी से सम्बंधित, जिसमें युवा विशेष तौर पर स्मार्ट सिटी की जरूरत के हिसाब से ट्रेंड किये जायेंगे।
उन्होंने बताया कि देश में स्मार्ट सिटी डेवलप हो रही है। ऐसे में वहां पर ऐसे हुनरमंदों की जरूरत है, जो कि उन आवश्यकताओं की पूर्ति जरूरत पड़ने पर कर सकें, इसीलिए विशेषतौर पर ये खास कोर्स भी आईटीआई में शुरू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक और मैकेनिकल के बाद मैक्ट्रॉनिक कोर्स अब तक देश में चुनिंदा इंजीनियरिंग कॉलेज में होता था, लेकिन आईटीआई में कहीं नहीं होता था।
यहां पहली बार ऐसा होने जा रहा है। प्रधानाचार्य ने कहा कि मशीनों को जो हम इलेक्ट्रॉनिक से कंट्रोल करते है, उसे मैक्ट्रॉनिक्स कहते है, ये कोर्स भी अब यहां शुरू किया जाएगा। आईटीआई के प्रधानाचार्य पीपी अत्री ने बताया कि अगस्त माह से इन विशेष कोर्सेज की आईटीआई में प्रशिक्षण कर प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।

