Sunday, February 8, 2026
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दंगों की जमीं से अखिलेश ने सीखा भाईचारे का सबक

जनवाणी संवाददाता  |

शामली: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने संभवत: 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों से सबक सीख लिया है। यह सबक सीखा भी तो उसी जमीं पर जहां ये दंगे हुए थे, इसलिए पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश में गठबंधन सरकार बनने पर भाईचारा और कानून व्यवस्थ सुदृढ़ करने का वादा किया।

उप्र विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ-साथ तमाम बड़े नेता समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव को 2013 के सांप्रदायिक दंगों और कैराना पलायन के मुद्दे पर घेर रहे हैं। इसलिए अखिलेश यादव ने भगवा ब्रिगेड को जवाब भी उसी दंगों की जमीन से देना उचित समझा। अखिलेश ने साफ कहा कि यह चुनाव भाईचारा बनाम भाजपा है।

शायद दंगों से अखिलेशा यादव ने 2017 में सत्ता गंवाने के बाद सबक सीख लिया हो। इसलिए बुधवार को शामली में संयुक्त प्रेसवार्ता के दौरान चौधरी चरणसिंह के सहारे जहां किसानों के गन्ना भाव और भुगतान को लेकर उनकी दुखती रग पर हाथ रखा, वहीं नौजवानों को साधते हुए उनको नौकरियां देने का वादा भी किया।

अखिलेश यादव ने संभवत: दंगों के समय बिगड़ी कानून व्यवस्था से सबक सीखते हुए गठबंधन की सरकार बनने पर प्रदेश की कानून व्यवस्था मजबूत करने का वादा भी किया। उन्होंने 112 नंबर की गाड़ियां डबल करने तथा पुलिस फोर्स को बढ़ाने की वकालत की। इतना ही नहीं, चेतावनी के लहजे में कहा कि जो भी कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करेगा, उसके साथ सख्त से सख्त कार्रवाई होगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों की रग पर हाथ रखते हुए कहा कि यह चुनाव किसान के मान-सम्मान का चुनाव है। किसान कभी नहीं भूल सकता कि उनके ऊपर जीप चढ़ा दी गई। भाजपा के पास इसका कोई जवाब नहीं है। वर्ष 2013 में जो भरोसा टूटा उसको कैसे कम कर पाएंगे?, सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि ये चुनाव भाईचारा बनाम भाजपा चुनाव है। भाजपा की राजनीति नकारात्मक है लेकिन इस गठबंधन के साथ उम्मीद है।

गन्ना भुगतान 15 दिन में होगा। सपा सुप्रीमो ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ योगी आदित्यनाथ के 10 मार्च के बाद गर्मी निकलवाने वाले बयान पर उनके ही लहजे में जवाब देते हुए कहा कि जिस दिन गर्मी खत्म हो जाएगी, उस दिन हम मर जाएंगे, क्योंकि जितने लोग यहां बैठें हैं, उनके अंदर गर्म खून नहीं बहेगा तो फिर वे जिंदा क्या खाक रहेंगे?

यादव ने योगी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनका शपथ पत्र देखिए, उसमें उनके ऊपर कितनी धाराएं थीं। मुख्यमंत्री के अंदर जो गर्मी आ रही है, वह इसलिए है क्योंकि ये टिकट जगह-जगह मान रहे थे, उनकी मनपसंद टिकट उन्हें नहीं मिला। उनको वापस घर भेज दिया गया। यादव ने सवाल किया, मुख्यमंत्री क्या भाजपा के सदस्य हैं? इसलिए भाजपा ने तय किया कि आगे इनको कुछ मिलने वाला नहीं है। इसलिए इनकी भाषा बदल गई है।

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