जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अमृतसर स्थित मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार देर रात कथित रूप से सल्फास निगल लिया। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक द्वारा मौत से पहले बनाए गए एक वीडियो के सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। वीडियो में रंधावा ने राज्य के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर का नाम लिया है। इस घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भुल्लर से इस्तीफा ले लिया।
जांच में जुटी पुलिस-प्रशासन
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीएम का बयान?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर जांच को प्रभावित नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को परेशान करने के लिए सरकार सत्ता में नहीं आई है। साथ ही, उन्होंने बताया कि भुल्लर का विभाग जल्द ही किसी अन्य मंत्री को सौंपा जाएगा।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
बता दें कि, मामले के सामने आते ही सियासत भी गरमा गई है। अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला अस्पताल पहुंचे और उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप बेहद गंभीर हैं और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
वहीं, कांग्रेस नेता सुखपाल खैरा ने लालजीत भुल्लर के खिलाफ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि रंधावा को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। खैरा ने यह भी दावा किया कि मंत्री और उनके सहयोगियों द्वारा रंधावा के साथ मारपीट की गई थी।
इसी कड़ी में अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी सोशल मीडिया के जरिए सरकार को घेरा और मामले की गहन जांच की मांग की।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो पाएगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।



