जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पड़ोसी देश बांग्लादेश में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। कट्टरपंथी नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। ढाका समेत कई शहरों में कट्टरपंथियों ने आगजनी, तोड़फोड़ और हमलों की वारदातें की हैं। इस बीच बांग्लादेश में एक हिंदू युवक की बेरहमी से हत्या भी सामने आई है। युवक दीपू दास को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला, और उसके शव के साथ क्रूरता की सभी हदें पार कर दीं।
उस्मान हादी कौन थे?
उस्मान हादी बांग्लादेश के एक कट्टरपंथी इस्लामी संगठन इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे। 18 दिसंबर को सिंगापुर के अस्पताल में उनकी मौत हो गई, जो एक सप्ताह पहले ढाका में गोली लगने के बाद से नाजुक हालत में थे। उनकी मौत के बाद बांग्लादेश में व्यापक हिंसा शुरू हो गई, और कई शहरों में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।
दीपू दास की हत्या
बांग्लादेश के भालुका इलाके से एक भयावह घटना सामने आई, जहां दीपू दास नाम के हिंदू युवक को भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। हत्या के बाद, शव को रस्सी से पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई। पुलिस के अनुसार, यह घटना स्क्वायर मास्टर बारी के दुबालिया पारा इलाके में गुरुवार रात करीब 9 बजे हुई। दीपू दास स्थानीय कपड़ा कारखाने में काम करता था और किराए पर रहता था। पुलिस का कहना है कि युवक को पैगंबर मुहम्मद के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में भीड़ ने घेर लिया और उसकी हत्या कर दी। बाद में शव को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
उस्मान हादी और उनका राजनीतिक प्रभाव
उस्मान हादी शेख हसीना विरोधी इंकलाब मंच के प्रवक्ता थे, और पिछले साल जुलाई में हुए विद्रोह के बाद से वे बांग्लादेश में एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे थे। इंकलाब मंच एक दक्षिणपंथी राजनीतिक संगठन है, जो भारत विरोधी विचारधारा को बढ़ावा देता है। 2026 में होने वाले बांग्लादेश के आम चुनावों में वे ढाका-8 से उम्मीदवार बनने की इच्छा जाहिर कर चुके थे।
कुछ दिन पहले हादी एक विवादित नक्शे को लेकर चर्चा में आए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने ग्रेटर बांग्लादेश का एक नक्शा सर्कुलेट किया था, जिसमें भारतीय क्षेत्रों के कुछ हिस्सों को भी शामिल किया गया था।

