- मकान बिकाऊ के पोस्टर लगाने वाले परिवार को दिया मदद का भरोसा
जनवाणी संवाददाता |
भोपा: थानाक्षेत्र के गांव बेहडा थ्रू में दलित परिवार पर अत्याचारो का आरोप लगाते हुए जाट परिवार ने गांव से पलायन व मकान बिकाऊ के पोस्टर लगाकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी और क्षेत्राधिकारी को प्रार्थना देकर कानूनी कार्यवाही करने की मांग की थी। गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन का एक प्रतिनिधि मंडल गांव में पहुंचा और परिवार से मिलकर मदद का भरोसा दिलाया भाकियू का कहना है कि परिवार को गांव से पलायन नहीं करने दिया जाएगा।
भोपा थानाक्षेत्र के गांव बेहडा थ्रू निवासी जाट परिवार के राजबीर सिंह का मकान गांव के ही दलित परिवारों के पास है। राजबीर का आरोप है कि दलित परिवार के लोग पूरब दिशा की ओर दरवाजा लगाने को लेकर उनके परिवार के साथ आए दिन गाली गलौज व मारपीट करते रहते लगभग एक माह पूर्व शाम के समय वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद था। उसी समय गांव के ही दलित परिवार के लोगो ने उसके व उसके पुत्र संजीव कुमार व मनोज कुमार के साथ लाठी-डंडों से लैस होकर गाली गलौज करते हुए मारपीट कर दी थी और शोरशराबा सुनकर आयी उसकी भाभी कमलेश पत्नी सोमपाल को भी मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था और देख लेने की धमकी देते हुए भाग गए थे।
पीड़ित के अनुसार वह तभी से कार्यवाही के लिए पुलिस के चक्कर काट रहा है। पीड़ित का कहना था कि पूर्व में भी यह लोग उन्हें व उनके परिजनों को निशाना बना चुके हैं,जिसका मुकदमा दोनों पक्षों के बीच चल रहा है। उसी मुकदमे में दबाव बनाने के लिए दलित परिवारों के लोग व आरोपी उनके साथ आये दिन मारपीट,गाली गलौज व झगड़ा करते रहते हैं बीते रविवार को दलित परिवार के अत्याचारों से तंग आकर जाट परिवार ने गांव से पलायन करने का एलान किया था|
गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन का प्रतिनिधिमंडल जिला महासचिव सुरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में शामिल उदयवीर सिंह भोकरहेडी, कालूराम गड़वाड़ा, शरणवीर रहमतपुर, बिट्टू पूर्व प्रधान बेहडा थ्रू, सुदेशवीर अथाई,सन्तबीर ब्लॉक कार्यकारिणी सदस्य, विनोद कुमार अथाई आदि के साथ गांव में जाकर पीड़ित परिवार से मिला और परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
उनका कहना था कि किसी भी हालत में किसान परिवार को गांव से पलायन नहीं करने दिया जाएगा। दोनों पक्षों को समझा कर समझौते के प्रयास किए जाएंगे और आपसी मनमुटाव को दूर किया जाएगा।
भाकियू की पहल से समझौते के बने आसार
भारतीय किसान यूनियन के द्वारा पीड़ित परिवार से मिलने के बाद व सहायता के लिए आगे आने से जाट परिवार के मन में आशा की किरणें जगी है अब देखना है कि भारतीय किसान यूनियन की पहल कहां तक काम आती है।

