जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: करोड़ों रुपये के बाइक बोट घोटाले में ईओडब्ल्यू ने बड़ी कार्यवाही करते हुए कंपनी के डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। इस आरोपी के ऊपर 50 हजार का इनाम रखा गया था।
आर्थिक अपराध शाखा ने बाइक बोट घोटाले की आरोपित कंपनी गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड में डायरेक्टर रहे सुनील कुमार प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है।
सुनील कुमार पर नोएडा पुलिस से 50 हजार का इनाम है। आरोप है कि 2017 में सहायक निदेशक के पद पर रहते हुए कई जनपदों में आफिस खोलकर बाइक बोट के नाम पर मोटी रकम वसूल चुका है। हाल में विवेचना को प्रभावित करने का काम भी कर रहा था।
ईओडब्ल्यू के मेरठ सेक्टर के एएसपी डा. राम सुरेश यादव ने बताया कि 50 हजार का इनामी अभियुक्त सुनील किसी खास कार्य से मेरठ आ रहा था। सुनील मूल रूप से बुलंदशहर जिले के गिरधरपुर नवादा का रहने वाला है। मुखबिर से सूचना मिली कि सुनील बिजली बंबाजिले के गिरधरपुर नवादा का रहने वाला है।
सूचना मिली कि सुनील बिजली बंबा बाइपास पर आटो में सवार होकर आ रहा था। तभी अपनी टीम के साथ बिजली बंबा बाइपास पर स्थित जुर्रानपुर फाटक पर पहुंचे, जहां सुनील को एक आटो में उतरते समय गिरफ्तार कर लिया।
उसके बाद ईओडब्ल्यू के मेरठ थाने लाकर विधिक कार्रवाई की गई। सुनील के खिलाफ नोएडा के दादरी थाने में आईपीसी की धारा 409, 420, 467, 468, 471, 201 व 120बी के तहत दर्ज मुकदमे में अभियुक्त है।
वह इसी प्रकरण से संबंधित दादरी थाने में ही दर्ज 56 अन्य मुकदमों में भी वांछित था। शासन ने बाइक बोट घोटाले के सभी 57 मुकदमों की विवेचना 14 फरवरी 2020 को ईओडब्ल्यू को सौंप दी थी।
ईओडब्ल्यू के मेरठ सेक्टर में नियुक्त पांच इंस्पेक्टरों की टीम इन मुकदमों की विवेचना कर रही है। उससे भी पहले भी ईओडब्ल्यू की टीम बड़ी संख्या में बाइक बरामद कर चुकी है।
एएसपी राम सुरेश यादव का कहना है कि बाइक बोट घोटाले में कई बड़े बड़ों की गर्दन भी फंस रही है, जो मंहगी गाड़ियों में सवार होकर घूमते थे। उनके खिलाफ भी साक्ष्य जुटाए जा रहे है। बाइक के साथ मसर्डीज की भी तलाश की जा रही है, जो फिलहाल गुप्त स्थान पर छिपाई गई है।

