Sunday, February 15, 2026
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छपरौली से चुनाव की बिसात बिछायेगी भाजपा

  • जयंत मिलेंगे पीएम से, छपरौली में होगी रैली
  • पीएम से मिलने के बाद तय होगी रैली की तिथि

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: छपरौली से चुनाव की बिसात बिछायेगी भाजपा। इसकी रणनीति तैयार कर ली गई हैं। छपरौली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रैली करने जा रहे हैं। सिर्फ इसकी तारीख निश्चित होना बाकी हैं। रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी, पीएम से मिलेंगे तथा जनसभा की तिथि तय कर दी जाएगी। इसके बाद छपरौली ही भाजपा के लिए अहम् होने जा रही हैं।

इसको लेकर भाजपा ने फोकस कर दिया हैं। पश्चिमी यूपी के लिए ये प्रधानमंत्री की जनसभा अहम रहने वाली हैं। क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह की कर्मभूमि से जनसभा को संबोधित करने का सीधा मतलब है किसानों को साधना। किसान वर्तमान में आक्रोशित हैं, ऐसे में पश्चिमी यूपी के किसान बड़ी अहमियत रखता हैं।

राष्ट्रीय लोक दल के मुखिया जयंत चौधरी की जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मीटिंग होनी है। साथ ही एनडीए गठबंधन की दोनों तरफ से औपचारिक और बड़ी घोषणा की जाएगी। रालोद के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के अनुसार जयंत चौधरी की जल्द ही पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात होगी। वह पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताने के लिए जाएंगे।

आभार रैली नाम भी जयंत चौधरी दे सकते हैं। जहां गठबंधन को लेकर बातचीत होगी और उसके बाद दोनों तरफ से औचारिक घोषणा की जाएगी। यह अगले दो-तीन दिन में होना है। जिससे दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता उसी तरह चुनावी तैयारी में जुट सके। उसके बाद ही उन विधायकों को लेकर फैसला होगा,

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जिनको यूपी के मंत्रीमंडल में शामिल किया जाना है। हालांकि यह तय माना जा रहा है कि एक मुस्लिम व एक जाट को मंत्री बनाया जाएगा और एक लोकसभा सीट से गुर्जर को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा, जिससे मुस्लिम, जाट, गुर्जर का समीकरण बना रहे।

छपरौली में गठबंधन की रैली की तारीख जल्द होगी तय

जयंत चौधरी जल्द ही पीएम नरेंद्र मोदी से मिलेंगे और गठबंधन की औपचारिक घोषणा के बाद छपरौली में संयुक्त रैली की जाएगी। यह रैली फरवरी के आखिरी सप्ताह में होनी तय मानी जा रही थी, लेकिन किसान आंदोलन को देखते हुए उसकी तारीख तय नहीं की गई। इस तरह मार्च में चुनाव की घोषणा से पहले रैली करने की तैयारी है, जिसमें भाजपा के बड़े नेता भी शामिल होंगे और स्व. चौधरी अजित सिंह की मूर्ति का अनावरण करने के साथ ही एकजुटता की ताकत दिखाएंगे।

रालोद को गठबंधन से मिलेगी मजबूती

बता दें कि कैराना लोकसभा समेत वेस्ट यूपी की राजनीति में रालोद का अहम् रोल रहा है। हालांकि वर्ष 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के बाद एक समय ऐसा लग रहा था कि रालोद शायद अब उभरकर सामने नहीं आएगा। रालोद की प्रतिष्ठा एक तरह से दांव पर लग गई थी। रालोद को पुन: पूरी तरह से खड़ा होने में एक दशक से अधिक का समय लगा।

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने के बहाने भाजपा ने जाटलैंड पर एक तरह से सटीक निशाना लगाया है। सरकार के इस निर्णय का भाजपा के साथ-साथ रालोद और अन्य दलों के नेताओं ने भी स्वागत किया। माना जा रहा है कि भाजपा से गठबंधन के बाद रालोद और भी अधिक मजबूत होगी।

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