जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और अमेरिकी अधिकारियों के हालिया बयानों के प्रभाव से बुधवार को सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट के साथ कारोबार शुरू हुआ। वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अस्थिरता का असर कीमती धातुओं पर भी देखा जा रहा है। इस बीच, चांदी की कीमत 1,560 रुपये गिरकर 2.75 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जबकि सोने का भाव 560 रुपये घटकर 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।
घरेलू बाजार में हल्की बढ़त
दिल्ली में आज सोने की कीमतों में हल्की बढ़त दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम 10 रुपये महंगा हुआ, जबकि 22 कैरेट सोना भी 10 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ा। पिछले दो दिनों के रुझान पर नजर डालें तो सोने में तेज उछाल देखा गया है। 24 कैरेट सोना दो दिनों में कुल 710 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है, वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत में 660 रुपये प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी हुई है।
चांदी की कीमतों में भी लगातार तेजी बनी हुई है। दिल्ली में एक किलो चांदी लगातार दूसरे दिन महंगी हुई है और पिछले दो दिनों में यह 10,100 रुपये प्रति किलो तक बढ़ गई, जिससे बाजार में फिर से मजबूती का संकेत मिला है।
वैश्विक बाजार में स्थिति
एशियाई ट्रेडिंग घंटों के दौरान स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.34% गिरकर 5,224 डॉलर प्रति औंस पर रही, हालांकि यह अब भी 5,200 डॉलर के स्तर से ऊपर बनी हुई है। वहीं, स्पॉट सिल्वर की कीमत 0.32% गिरकर 89.35 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी।
अमेरिकी बयान और तेल बाजार पर असर
रिपोर्ट्स के अनुसार, व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे किसी तेल टैंकर को एस्कॉर्ट नहीं किया। यह बयान उस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आया जिसे बाद में हटा दिया गया था। इस स्पष्टीकरण के बाद तेल की कीमतों में मंगलवार की तेज गिरावट के बाद फिर से उछाल देखा गया।
पश्चिम एशिया संघर्ष का प्रभाव
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब 12वें दिन में पहुंच गया है और इसका असर क्षेत्र में कच्चे तेल के उत्पादन और रिफाइनिंग गतिविधियों पर पड़ रहा है।
अमेरिका-इजराइल की कार्रवाई
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग ने कहा कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे तीव्र हमले किए हैं। यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक ईरान को पराजित नहीं किया जाता। इससे पहले, डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया था कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो सकता है, लेकिन हालिया बयान अधिक आक्रामक रुख को दर्शाते हैं।



