- मलकपुर गन्ना समिति के गन्ना पर्यवेक्षक ने की जालसाजी
जनवाणी संवाददाता |
बड़ौत: गन्ना किसानों को कर्मचारी किसी तरह से प्रताड़ित कर सकते हैं। फिर गन्ना किसान एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के कार्यालयों के चक्कर काटते रहते हैं।
मलकपुर गन्ना समिति के एक गन्ना पर्यवेक्षक ने जिवाना गूलियान के दो किसानों को मृतक दर्शाते हुए उनके नाम का बेसिक कोटा दो किसानों के नाम चढ़ा दिया। अब किसान एक साल से एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के कार्यालयों के चक्कर काट रहा है। हालांकि अधिकारियों ने गन्ना पर्यवेक्षक को सजा के तौर पर उसका तबादला मथुरा में कर दिया।
यह पीड़ित वृद्ध गन्ना किसान हैं जिवाना गूलियान गांव निवासी हरपाल सिंह पुत्र शिव नारायण हैं। उसने बताया कि एक साल पहले उसका मलकपुर चीनी मिल से बेसिक कोटा बंद कर दिया गया। वह तब से एक यह पूछ रहा है कि उसका बांड क्यों बंद कर दिया? न तो उसे मलकपुर गन्ना समिति में किसी अधिकारी या कर्मचारी ने कुछ बताया और न ही बागपत डीसीओ कार्यालय से उसे सांत्वना दी।
उसने मेरठ में गन्ना उपायुक्त कार्यालय के भी चक्कर लगाए। उसे कुछ हासिल नहीं हुआ। वह अपने खेत में खड़े का दूसरों की खुशामद करके किसी तरह से दूसरे चीनी मिलों व के्रशरों पर औने-पौने दामों में डाला। अंत में उसने आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी।
आरटीआई में उसे बताया गया कि उसे मृतक दर्शा रखा है। उसका नाम का बेसिक कोटा गांव के ही गन्ना किसान गुलवीर पुत्र धूम सिंह व संजय कुमार पुत्र आनंद के नाम 50-50 प्रतिशत चढ़ा दिया। ऐसे ही दूसरे किसान ओमकार पुत्र रघुवीर को भी मृतक दर्शाते हुए उसका बेसिक कोटा गांव ही एक महिला के नाम चढ़ा दिया। दोनों काफी परेशान हैं। उसने बताया कि गन्ना पर्यवेक्षक संजय कुमार निवासी भदौड़ा है।
इस संबंध में मलकपुर गन्ना समिति के उप सचिव दीलिप सिंह ने बताया कि दोनों किसानों को मृतक दर्शाने वाले गन्ना पर्यवेक्षक का तुरंत ही तबादला कर दिया था। वह अब मथुरा में है। उसके खिलाफ जांच चल रही है।

