- अदालत के आदेश और ताराचंद पुरी की तहरीर पर थाना सिविल लाइन पुलिस की कार्रवाई
- आरोपियों पर साजिशन करोड़ों की संपत्ति कोड़ियों के भाव कब्जाने का गंभीर आरोप
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गढ़ रोड स्थित होटल हारमनी प्रकरण में भाजपा नेता नवीन आरोपा समेत 13 लोगों के खिलाफ थाना सिविल लाइन पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की इस कार्रवाई से नामजदों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं, दूसरी ओर करीबियों का कहना है कि इस मुकदमे को दर्ज कराने में ताराचंद पुरी को बहुत पापड़ बेलने पडेÞ। ताराचंद पुरी की जिस तहरीर के आधार पर नवीन अरोरा व अन्य के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है उसमें अभियुक्तों पर तमाम गंभीर व हैरान करने वाले आरोप लगाए गए हैं।
ये किए गए नामजद
एसीजेएम पंचत की कोर्ट के आदेश पर जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है उनमें आदिल अहमद खान पुत्र शमशाद खान, शिखर पराशर पुत्र प्रमोद पराशर, नवीन अरोरा पुत्र सीताराम अरोरा, परविन्द्र त्यागी उर्फ बबलू, नितिन अरोरा पुत्र रमेश अरोरा, प्रवीन अरोरा, प्रवीन सरीन, मयंक सिंघलानी, गौरव अरोरा, अनिल जग्गी,अमित जग्गी, राकेश जुनेजा व रमेश अरोरा शामिल हैं।
ये हैं आरोप
ताराचंद पुरी ने जो तहरीर दी है। उसमें लगाए गए आरोपी की लंबी फेहरिस्त है, लेकिन इन आरोपोें में सबसे ज्यादा गंभीर आरोप ताराचंद पुरी ने उक्त नामजदों पर अपने पुत्र हिमांशुपुरी के साथ किए गए खुद को हिमांशु पुरी का दोस्त बताने वालों पर लगाए हैं। तहरीर में कहा गया है कि हिमांशुपुरी के सहपाठी शिखर पराशर का अचानक उसके बेटे के रेस्टोरेंट में आना जाना बढ़ गया, जिसकी वजह से आदिल खान, शिखर पराशर व अमित चांदना की गहरी मित्रता हो गयी।
उसी दौरान अचानक हिमांशुपुरी की दादी सुरेन्द्र पुरी की तबियत खराब रहने लगी। जिसकी वजह से हिमांशु ने रेस्टोरेंट की सारी जिम्मेदारी अपने दोस्त शिखर व अमित चांदना व बार की जिम्मेदारी आदिल खान पर छोड़ दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने अपने अन्य साथियों जिनमें नवीन अरोरा,परविन्दर त्यागी, नितिन अरोरा, प्रवीन अरोरा, प्रवीन सरीन, मयंक सिंघलानी, गौरव आरोरा, अनिल जग्गी, अमित जग्गी, रजत अरोरा

आदि ने मिलकर वहां कब्जा कर लिया। पिस्टल समेत तीन लाइसेंसी हथियार जो आज भी उनके नाम हैं, एक बीएमडब्लू कार व करोड़ों कीमत का सामान नौकरों को बंधक बनाकर लूट लिया। सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच की जा रही है।
रिश्वत मांगने के आरोप में आरोपी दोष मुक्त
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम ने रिश्वत लेने के आरोप में आरोपी तेज बहादुर पुत्र जमुना प्रसाद यादव निवासी आगरा को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया गया है। आरोपी के अधिवक्ता ने बताया कि वादी मुकदमा प्रेमवती ने थाना आगरा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके गांव में चकबंदी चल रही है। उसके जमीन में रकवा कम कर दिया था। जिसे सही करने के लिए उसने चकबंदी अधिकारी के यहां प्रार्थना पत्र दिया था।
जिसे सही करने के लिए आरोपी ने अंकन 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था। न्यायालय में आरोपी के अधिवक्ता ने कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य को देखते हुए आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया।
दुष्कर्मी को 10 वर्ष का कारावास
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम कोर्ट संख्या दो मेरठ ने दुष्कर्म करने के आरोप में आरोपी देवराज सिंह को दोषी पाते हुए 10 वर्ष के कारावास से दंडित किया। अभियोजन के अनुसार वादी मुकदमा ने थाना टीपी नगर मेरठ में वर्ष 2016 में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी छह वर्ष की पुत्री को आरोपी बहला-फुसलाकर ले गया है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था न्यायालय में आरोपी ने कहा कि उसे झूठा फंसाया जा रहा है। जिसका सरकारी वकील अवकाश जैन एवं ज्योति कपूर ने कड़ा विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को सजा सुनाई।

