- चार्जशीट दाखिल, टीम ने होटल पहुंच नक्शा बनाया, पटवारियों के साथ किया मौका मुआयना
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सीबीसीआईडी की टीम ने मेरठ पहुंचकर पाल होटल व अलकरीम होटल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की पहल शुरू कर दी है। टीम मेरठ पहुंची तो उसे निगम से दोनों ही होटलों की पत्रावलियां गायब मिली। इसके बाद टीम ने निगम के पटवारी तथा संपत्ति अधिकारी को साथ लेकर मौका मुआयना किया। टीम ने होटलों के नक्शे बनाये तथा मौके पर फोटोग्राफी भी की। बाद में टीम अपने साथ यह तमाम सबूत ले गई है। घंटाघर स्थित पाल होटल व होटल अलकरीम के मामले पिछले 9 मई से तब चर्चा का केन्द्र बने हुए थे।
जब सीबीसीआईडी ने मामले में थाना देहली गेट में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह रिपोर्ट सीबीसीआईडी के प्रभारी नागेन्द्र तोमर की ओर से दर्ज कराई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अवैध कब्जा धारकों में हड़कंप मचा हुआ था। बुधवार को इसी मामले में सीबीसीआईडी की टीम आगरा से नगर निगम मुख्यालय जोन पहुंची। टीम का नेतृत्व सीबीसीआईडी के प्रभारी दिनेश यादव कर रहे थे। टीम ने नगर निगम पहुंचकर पाल होटल तथा होटल अल करीम की फाइलें व पत्रावलियां मांगी तो नगर निगम मुख्याल से इन दोनों होटलों की फाइलें गायब हो गई थीं।
सीबीसीआईडी की टीम घंटों तक फाइलों की तलाश कराती रही। पर वे नहीं मिलीं। ऐसे में सीबीसीआईडी की टीम ने नगर निगम के पटवारी कुंवर पाल तथा संपत्ति अनुभाग के अधिकारी हरवीर सिंह को साथ लिया तथा उनके साथ घंटाघर पर पहले पाल होटल पहुंची। टीम ने वहां एक-एक दुकान का नक्शा बनाया। इसके बाद यही टीम होटल अलकरीम पहुंची तथा वहां भी उसने नक्शा तथा मौके पर ही फोटोग्राफ भी खींचे। इसके बाद सीबीसीआईडी की टीम यह नक्शे, रिपोर्ट तथा बयान अपने साथ लेकर आगरा वापिस लौट गई। संभावना जताई जा रही है कि टीम इस मामले में होटल पाल व होटल अलकरीम की चार्जशीट कल ही दाखिल कर देगी।
होटल अलकरीम भी चर्चाओं में
पाल होटल की ही तरह होटल अल करीम का भी मामला चल रहा है। दरअसल नगर निगम के साथ होटल अलकरीम की जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा है पर एमडीए ने मानचत्रि न होने के कारण कार्रवाई करने की पूरी तैयारी कर ली है। मेडा अधिकारियों का कहना है कि यहां नीचे की दुकानें तो निगम ने आवंटित कर रखी हैं पर ऊपर के भवन की कोई अनुमति नहीं है। बिना मानचित्र के ही ऊपर की बिल्डिंग बनाकर खड़ी कर दी गई। इस बाबत होटल मालिक को नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने खुद इस भवन को ध्वस्त नहीं किया। ऐसे में इस होटल की ऊपरी मंजिल को ध्वस्त किया जाएगा।
क्या है पाल होटल का मामला ?
घंटाघर के निकट पाल होटल पर अवैध रूप से मार्केट बनाने का मामला सुर्खियों में चल रहा है। निगम एक्ट के मुताबिक सरकारी संपत्ति का स्वरूप बदलने का किसी को अधिकार नहीं है, जबकि पाल होटल के अंदर ही अंदर कमरे तोड़कर दुकानें बना दी गईं। पूरी मार्केट चल रही है। कार्रवाई के नाम पर पाल होटल की पत्रावली गायब कर दी गई। मार्केट का नाम न्यू पालिका बाजार रख दिया गया। दुकानों को बेचने की भी बोली लगाई गई। निगम की करोड़ों रुपये की संपत्ति की बंदरबांट हो गई।
एंटी करप्शन ने वन अधिकारी को 30 हजार की रिश्वत लेते दबोचा
बुधवार को एंटी करप्शन विभाग की टीम ने हापुड़ में वन विभाग के अधिकारी को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोच लिया। बताया जा रहा है कि एंटी करप्शन विभाग को कई दिनों से शिकायत मिल रही थी कि हापुड़ वन विभाग के डिप्टी रेंजर शशि शेखर शर्मा मेरठ के एक व्यक्ति से किसी काम के बदले रिश्वत की मांग कर रहे हैं। इसकी लिखित शिकायत पीड़ित ने एंटी करप्शन विभाग मेरठ से की थी। जिसके बाद टीम शिकायतकर्ता के साथ वन विभाग हापुड़ पहुंची और पीड़ित को 30 हजार रुपये के केमिकल लगे नोट दे दिए। शिकायतकर्ता ने जैसे ही यह नोट रिश्वत की मांग कर रहे डिप्टी रेंजर को दिए एंटी करप्शन की टीम ने उन्हें रंगेहाथ दबोच लिया। इसके बाद पकड़े गए डिप्टी रेंजर के हाथ धुलवाए गए तो वह लाल हो गए। टीम ने रिश्वतखोरी के आरोप में डिप्टी रेंजर को गिरफ्तार कर लिया है।

